राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन पर एक प्रतीकात्मक लेकिन तीखा संदेश देकर नया विवाद खड़ा कर दिया। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे आंदोलन की नई रणनीतिक अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, 26 जून को अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो में नजर आए, जिसमें वे एक व्हाइटबोर्ड पर लिखते हुए दिखाई दिए “हैप्पी बर्थडे, प्रधान। प्लीज रिज़ाइन।” इस दौरान उनके समर्थक पीछे से जन्मदिन का गीत गा रहे थे, जिससे पूरा दृश्य एक अनोखे राजनीतिक व्यंग्य में बदल गया।



वीडियो में दीपके ने आगे कहा कि यह संदेश केवल शुभकामना नहीं बल्कि एक राजनीतिक मांग भी है। उन्होंने कहा, “आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ, धर्मेंद्र प्रधान। हमारे लिए एक कृपा करें और इस्तीफा दे दें। जन्मदिन के तोहफे के रूप में हम आपको इस्तीफे का पत्र भी भेज सकते हैं, आपको केवल उस पर अंगूठा लगाना होगा।” उन्होंने आगे दोहराते हुए कहा, “कृपया हमारे लिए एक काम करें और इस्तीफा दे दें,” साथ ही यह भी जोड़ा कि यदि सरकार की ओर से प्रतीकात्मक सहयोग मिलता है तो “इस्तीफे का पत्र जन्मदिन के उपहार के रूप में भेजा जा सकता है।”

यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब CJP दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रही है। संगठन का दावा है कि वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहा है, जो कथित परीक्षा अनियमितताओं और NEET पेपर लीक विवाद से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि यह धरना कई दिनों से जारी है और अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने स्थल छोड़ने से इनकार कर दिया है।

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी परोक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं दिला सकते, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने का दावा करते हैं। क्या वे पेपर लीक रोक सकते हैं?” उन्होंने आगे यह भी कहा कि परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्रों की आत्महत्याओं के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, और इसके लिए शिक्षा मंत्री को जवाबदेह माना जाना चाहिए।



इसी बीच, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए घोषणा की है कि यदि सरकार NEET पेपर लीक मामले पर ठोस कदम नहीं उठाती है तो वे 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे 27 जून तक सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे और संतोषजनक कार्रवाई न होने पर आंदोलन शुरू करेंगे।

CJP का यह आंदोलन पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में है। संगठन खुद को एक व्यंग्यात्मक और प्रतीकात्मक राजनीतिक आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करता है, जिसमें सड़क प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान और प्रतीकात्मक नारों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया जाता है। जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में रात-दिन धरना, भाषण और अल्टीमेटम आधारित मांगें शामिल हैं।

अभिजीत दीपके और उनकी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने आंदोलन को एक वैचारिक और प्रतीकात्मक पहचान देते हुए इसे युवाओं की आवाज़ के रूप में प्रस्तुत किया है। उनका दावा है कि यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रयास है। दिल्ली में जारी यह घटनाक्रम न केवल राजनीतिक बहस को तेज कर रहा है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों को भी और अधिक गहरा बना रहा है, जिससे यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक चर्चा का विषय बन सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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