पारंपरिक कला और आधुनिक नवाचार का संगम, नरसापुर में 5 दिवसीय हस्तशिल्प मेला
हस्तशिल्प एक्सपो नरसापुर 2025 का भव्य उद्घाटन नरसापुरम विधायक श्री बोम्मिदी नायकर ने किया। पांच दिवसीय एक्सपो में पारंपरिक क्रोशिया लेस, कढ़ाई, लकड़ी और चमड़े के शिल्प के साथ आधुनिक लाइफस्टाइल उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यह आयोजन कारीगरों के लिए रोजगार और वैश्विक बाजार का अवसर है।

नरसापुर, 20 दिसंबर 2025: आंध्र प्रदेश के नरसापुर स्थित अंतरराष्ट्रीय लेस ट्रेड सेंटर (ILTС) में आज हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) द्वारा आयोजित हस्तशिल्प एक्सपो नरसापुर 2025 के दूसरे संस्करण का भव्य उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर नरसापुरम के विधायक श्री बोम्मिदी नायकर ने फीता काटकर आयोजन का औपचारिक शुभारंभ किया। पांच दिवसीय यह एक्सपो 20 से 24 दिसंबर तक चलेगा और इसमें पारंपरिक हस्तशिल्पों से लेकर आधुनिक लाइफस्टाइल उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की जाएगी।
उद्घाटन समारोह में पश्चिमी गोदावरी जिले की जिलाधिकारी श्रीमती चदलवाड़ा नागरानी, भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक श्री लक्ष्मण राव अटकुरी, EPCH की प्रशासनिक समिति के सदस्य और ILTC संयोजक श्री के. एन. तुलसी राव, EPCH के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा, उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उद्घाटन के दौरान विधायक श्री बोम्मिदी नायकर ने कहा कि यह एक्सपो नरसापुर और पूरे आंध्र प्रदेश के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने बताया कि यह प्लेटफॉर्म न केवल क्षेत्र के प्रसिद्ध क्रोशिया लेस और अन्य हस्तशिल्पों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करता है, बल्कि रोजगार सृजन और कारीगरों को नई संभावनाएं देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की पहल भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को पारंपरिक कला अपनाने के लिए प्रेरित करने में सहायक है।
EPCH अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि यह एक्सपो देश भर से आने वाले वॉल्यूम और रिटेल खरीदारों के लिए एक अद्वितीय मंच है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शित उत्पाद कारीगरी, परंपरा और नवाचार का उत्कृष्ट मिश्रण हैं, जो आधुनिक वैश्विक डिजाइन रुझानों के अनुरूप भी हैं।
मुख्य संरक्षक और IEИL के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि एक्सपो भारत की समृद्ध शिल्प परंपराओं को आधुनिक और पर्यावरण-संरक्षणीय बिजनेस मॉडल से जोड़ने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में लकड़ी, सींग और हड्डी से बने शिल्प, पेंटिंग्स, हाथ से बने चमड़े के उत्पाद, कढ़ाई, क्रोशिए और आर्ट मेटलवेयर समेत विविध प्रकार के हस्तशिल्प प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
EPCH उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने कहा कि नरसापुर अब लेस और क्रोशिया उत्पादों का प्रमुख केंद्र बन गया है। पांच दिवसीय इस एक्सपो में आगंतुक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पाक प्रदर्शनों और इंटरैक्टिव किड जोन का भी आनंद ले सकते हैं।
EPCH प्रशासनिक समिति के सदस्य श्री रवि के पासी ने बताया कि यह आयोजन भारतीय कारीगरों की रचनात्मकता और पारंपरिक शिल्प कौशल को वैश्विक बाजार से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। श्री के. एन. तुलसी राव ने बताया कि एक्सपो सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा और बी2बी व बी2सी दोनों स्तरों पर बिक्री और नेटवर्किंग का अवसर प्रदान करेगा।
EPCH कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, कारीगरों और शिल्पकारों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत के हस्तशिल्प निर्यात का कुल मूल्य 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा।
हस्तशिल्प एक्सपो नरसापुर 2025 न केवल भारत की सांस्कृतिक और कारीगरी विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है, बल्कि यह कारीगरों के लिए स्थायी रोजगार, नवाचार और व्यवसायिक अवसरों का भी एक महत्त्वपूर्ण केंद्र साबित हो रहा है।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
