नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस शिविर का हुआ उद्घाटन ; उपराष्ट्रपति NCC कैडेट्स के योगदान को किया सम्मानित
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में 78वें एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में 72,000 कैडेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर में योगदान दिया और युवाओं में अनुशासन, एकता और देशभक्ति की मिसाल पेश की।

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन
राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के 78वें गणतंत्र दिवस शिविर का भव्य उद्घाटन आज नई दिल्ली स्थित डीजीएनसीसी कैंप में हुआ। इस अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने एनसीसी की दीर्घकालिक योगदान यात्रा को सराहा। उन्होंने कहा कि एनसीसी ने वर्षों से देश की सेवा और युवाओं के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उपराष्ट्रपति ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 78 वर्षों की यात्रा में एनसीसी विश्व की सबसे बड़ी यूनिफॉर्मेड युवा संगठन बन चुकी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एनसीसी का मूल उद्देश्य अनुशासित, जिम्मेदार और देशभक्त नागरिकों का निर्माण करना है, और गणतंत्र दिवस शिविर इस विश्वास का प्रतीक है कि भारत अपने युवाओं पर भरोसा करता है और एक मजबूत, एकजुट राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर श्री राधाकृष्णन ने एनसीसी के आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” को रेखांकित करते हुए कहा कि यह संगठन आत्मविश्वासी और मूल्य-संवेदनशील युवाओं को तैयार करता है, जो विकसित भारत@2047 की नींव रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिवान नेतृत्व का हवाला देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यात्रा में अनुशासित, कुशल और सेवा-उन्मुख युवाओं की आवश्यकता है, और इस दिशा में एनसीसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उपराष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर में एनसीसी कैडेट्स के उत्कृष्ट योगदान का स्मरण करते हुए बताया कि लगभग 72,000 कैडेट्स ने नागरिक सुरक्षा कर्तव्यों के लिए स्वयंसेवक के रूप में हिस्सा लिया। इस कार्य ने न केवल उनके साहस और प्रतिबद्धता को दर्शाया, बल्कि यह भी साबित किया कि संकट के समय में देश की सेवा के लिए युवा तत्पर हैं।
कार्यक्रम में एनसीसी के विभिन्न प्रशिक्षण, परेड और सांस्कृतिक प्रदर्शन भी प्रस्तुत किए गए, जो युवाओं के बहुआयामी कौशल और संगठन की अनुशासनात्मक संरचना को दर्शाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह शिविर केवल परेड और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में नेतृत्व, संगठन कौशल और नागरिक जिम्मेदारी के विकास का महत्वपूर्ण मंच है।
समापन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि एनसीसी न केवल एक प्रशिक्षण संगठन है, बल्कि यह भारत के युवा नागरिकों को जिम्मेदार, अनुशासित और राष्ट्रप्रेमी बनाने का प्रतीक है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि देश की समृद्धि और सुरक्षा में युवा शक्ति की भागीदारी अनिवार्य है और इस दृष्टि में एनसीसी का योगदान सदैव प्रेरणादायक रहेगा।
इस प्रकार, 78वें एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर ने युवाओं में अनुशासन, एकता और देशभक्ति की भावना को न केवल प्रकट किया, बल्कि यह भारत के भविष्य के निर्माण में उनकी निर्णायक भूमिका की पुष्टि करता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
