गोवा में 27–30 जनवरी 2026 आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 में 120 से अधिक देशों के मंत्री, CEOs और विशेषज्ञ भाग लेंगे। सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, डिकार्बोनाइजेशन और वैश्विक ऊर्जा सहयोग पर जोर दिया जाएगा। भारत की वैश्विक ऊर्जा भूमिका मजबूत होगी।

भारत फिर एक बार वैश्विक ऊर्जा चर्चा के केंद्र में उभरेगा। 27 से 30 जनवरी 2026 तक गोवा में आयोजित होने जा रहा इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 विश्व भर के ऊर्जा मंत्रियों, वैश्विक CEOs, नीति निर्माताओं, वित्तीय संस्थानों, शैक्षणिक जगत और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक साथ लाएगा। यह आयोजन वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रहा है, जब बढ़ती ऊर्जा मांग, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और जलवायु प्रतिबद्धताओं की गति से ऊर्जा नीतियों में बदलाव आ रहा है।

IEW 2026 इस साल की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सभा होगी, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने, निवेश को प्रेरित करने और डिकार्बोनाइजेशन के व्यावहारिक और स्केलेबल रास्तों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पिछले वर्षों की तरह, यह मंच नीति निर्माण, वैश्विक सहयोग और तकनीकी नवाचार के लिए एक महत्वपूर्ण फोरम साबित होगा।

पिछले संस्करणों की सफलता को आधार बनाते हुए, 2026 का IEW 120 से अधिक देशों से प्रतिभागियों को आमंत्रित करेगा। उदाहरण के लिए, 2025 के संस्करण में 68,000 से अधिक उपस्थितियां, 570 प्रदर्शक और 5,400 सम्मेलन प्रतिनिधि शामिल हुए थे, जिनमें 100 से अधिक सत्रों में 540 से अधिक वैश्विक वक्ताओं ने अपनी विशेषज्ञता साझा की थी। 2026 का संस्करण इससे भी बड़ा और व्यापक होगा, जो IEW को दुनिया के प्रमुख ऊर्जा संवाद मंचों में और मजबूत स्थिति देगा।

यह आयोजन भारतीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में और फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (FIPI) तथा dmg events के संयुक्त आयोजन में किया जा रहा है। IEW 2026 एक निष्पक्ष और वैश्विक रूप से जुड़े मंच के रूप में ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और सतत विकास पर सहयोग को प्रोत्साहित करेगा। अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र से प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी अपेक्षित है, जो भारत की बढ़ती भूमिका को वैश्विक ऊर्जा कूटनीति में और अधिक सशक्त बनाएगी।

विशेष रूप से, इस आयोजन का फोकस केवल ऊर्जा व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। यह मंच वैश्विक नीति निर्माताओं, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों को आपस में जोड़कर एक व्यापक ऊर्जा रणनीति तैयार करने का अवसर देगा। ऊर्जा संक्रमण, नवीनीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का उपयोग, और ग्लोबल क्लाइमेट लक्ष्य हासिल करने के व्यावहारिक उपाय IEW 2026 में प्रमुख विषय होंगे।

भारत के लिए यह केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा नीतियों और निवेश निर्णयों में अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर है। IEW 2026 की मेजबानी से भारत का ऊर्जा मंच पर बढ़ता प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षण और तकनीकी सहयोग को नई दिशा मिलेगी। 27 जनवरी से शुरू होने वाला यह चार दिवसीय कार्यक्रम न केवल ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों और अवसरों को सामने लाएगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सहयोग की दिशा में भारत के दृष्टिकोण को भी उजागर करेगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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