गुजरात के वलसाड में बाढ़ के पानी में फंसी बस के 35 यात्रियों ने जान बचाने के लिए छत पर शरण ली। नानापोंधा पुलिस और बचाव दल ने सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि भारी बारिश से कई इलाकों में हालात गंभीर हैं।

तस्वीर में पुलिसकर्मी और बचाव दल वलसाड में बाढ़ के पानी से एक महिला और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालते हुए नजर आ रहे हैं।
गुजरात के वलसाड में भारी बारिश के कारण बाढ़ के पानी में एक यात्री बस फंस गई, जिसके बाद उसमें सवार कम से कम 35 यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए बस की छत पर चढ़कर मदद का इंतजार किया। गुरुवार को हुई इस घटना में पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, यह बस सूरत से महाराष्ट्र की ओर जा रही थी। रास्ते में गहरे बाढ़ के पानी के बीच पहुंचने के बाद बस बीच रास्ते में ही फंस गई। पानी का स्तर बढ़ने और हालात बिगड़ने पर बस में मौजूद पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपनी जान बचाने के लिए बस की छत पर चढ़ गए। तेज बारिश के बीच सभी यात्री छत पर खड़े होकर तत्काल बचाव की अपील करते रहे।
घटना की सूचना मिलने के बाद वलसाड के नानापोंधा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
घटना के सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी एक बच्चे को सुरक्षित स्थान तक ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बचाव दल ने रस्सियों की मदद से फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। पानी से निकलने से पहले यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराए गए, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
गुजरात के वलसाड जिले के साथ-साथ नवसारी और सूरत में भी पिछले 24 घंटे से भारी बारिश हो रही है, जिसके बाद राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान शुरू किए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी लगातार बाढ़ की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। वलसाड जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए 70 सेना कर्मियों को पांच नावों के साथ तैनात किया गया है। इसके अलावा पांच एनडीआरएफ टीम, पांच एसडीआरएफ टीम और 25 फायर ब्रिगेड कर्मियों को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है।
वलसाड जिले के उमरगाम, वापी, धरमपुर और पारडी तालुकाओं के ग्रामीण इलाकों से 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और बचाव दल लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

