किश्तवाड़ के चत्रू क्षेत्र में ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ के तहत सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में कुख्यात कमांडर सैफुल्लाह शामिल है। मुठभेड़ स्थल से एके-47 राइफलें और हथियार बरामद हुए।

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में एक बार फिर सुरक्षा बलों की सटीक और समन्वित कार्रवाई ने आतंक के नेटवर्क को गहरा झटका दिया है। किश्तवाड़ जिले के चत्रू क्षेत्र में चलाए गए एक सुनियोजित अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के तीन आतंकवादियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में संगठन का कुख्यात कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था।

यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ के तहत अंजाम दी गई, जो भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का संयुक्त मिशन था। विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि आतंकवादी किश्तवाड़ के पासेरकुट इलाके के घने जंगलों में एक ठिकाने पर छिपे हुए हैं। इसके बाद क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।



सूत्रों के अनुसार, आतंकवादी एक कच्चे मकान में छिपे हुए थे। जब सुरक्षा बलों ने उन्हें आत्मसमर्पण का मौका देते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, तो अंदर से गोलीबारी शुरू हो गई। इसके बाद दोनों ओर से भीषण मुठभेड़ हुई। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों के बीच चली इस कार्रवाई के दौरान मकान में आग लग गई, जिससे अंदर मौजूद तीनों आतंकियों के शव बुरी तरह झुलस गए।


मारे गए आतंकियों में सैफुल्लाह का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वह पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों के चलते वांछित सूची में शामिल था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उसने पहले भी कई बार घेराबंदी से बच निकलने में सफलता पाई थी। उसकी मौत को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

मुठभेड़ स्थल से दो एके-47 राइफलें और अन्य हथियार व गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री से स्पष्ट है कि आतंकवादी किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे। बरामद हथियारों और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है, ताकि इनके नेटवर्क और संपर्कों का पता लगाया जा सके।

अधिकारियों ने इस अभियान को पूरी तरह खुफिया-आधारित और समन्वित कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां निरंतर सतर्क हैं। इस तरह के अभियान न केवल तत्काल खतरे को समाप्त करते हैं, बल्कि आतंकियों के संगठनात्मक ढांचे को भी कमजोर करते हैं।

जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा बलों की यह मुहिम लगातार जारी है। किश्तवाड़ की यह कार्रवाई इस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आतंक के हर नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है। दुर्गम इलाकों में भी प्रभावी खुफिया समन्वय और त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Updated On 22 Feb 2026 9:14 PM IST
Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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