9 साल का प्यार, श्रद्धालु बनकर पंजाब से पाकिस्तान गई महिला... नाम बदला, धर्म बदला, फिर भी पाकिस्तान ने धक्के मार कर 'नई नवेली दुल्हन' को किया डिपोर्ट
पंजाब के कपूरथला की 49 वर्षीय सिख महिला, जो धार्मिक यात्रा पर पाकिस्तान गई थी, को वीजा अवधि खत्म होने और वहां निकाह करने के बाद आज वापस भारत डिपोर्ट किया जा रहा है। 4 नवंबर 2025 को पाकिस्तान पहुंची महिला ने 9 साल पुराने ऑनलाइन प्रेमी नासिर हुसैन से शादी कर अपना नाम 'नूर हुसैन' रख लिया था। वीजा उल्लंघन और सुरक्षा चिंताओं के बीच पाकिस्तानी अदालत के हस्तक्षेप के बाद उसे हिरासत में लिया गया। यह घटना सीमा पार संबंधों और कड़े वीजा कानूनों की जटिलता को उजागर करती है।

सरहदों की बंदिशों और जज्बातों के बीच एक बार फिर कानून की दीवार खड़ी हो गई है। पंजाब के कपूरथला जिले की रहने वाली 49 वर्षीय सिख महिला, जो गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर मत्था टेकने पाकिस्तान गई थी, अब एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद वापस वतन लौट रही है। धार्मिक यात्रा के बहाने सरहद पार पहुंची इस महिला ने वहां अपना धर्म और नाम बदलकर निकाह तो कर लिया, लेकिन वीजा नियमों का उल्लंघन और सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती ने उनकी इस नई दुनिया को उजड़ने पर मजबूर कर दिया है। आज पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा उसे भारत डिपोर्ट किया जा रहा है, जिससे एक 'हाई-वोल्टेज' क्रॉस-बॉर्डर ड्रामा अपने अंजाम तक पहुंच गया है।
यह पूरी कहानी 4 नवंबर, 2025 को शुरू हुई, जब यह महिला 2,000 सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गुरु नानक देव जी की जयंती मनाने के लिए पाकिस्तान पहुंची थी। हालांकि, धार्मिक रस्में पूरी होने के बाद जब जत्था वापस लौटा, तो वह महिला वहां से गायब हो गई। जांच में सामने आया कि उसने अपने ग्रुप वीजा की समय सीमा का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तान में ही रुकने का फैसला किया। महिला ने न केवल अपना नाम बदलकर 'नूर हुसैन' रख लिया, बल्कि नासिर हुसैन नामक एक पाकिस्तानी नागरिक से निकाह भी कर लिया। महिला के बयानों के मुताबिक, नासिर के साथ उसका संपर्क पिछले नौ साल से ऑनलाइन माध्यम से था और उसने यह निकाह पूरी तरह से अपनी मर्जी से किया था।
मामला तब गरमाया जब वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद महिला के पाकिस्तान में रुकने की खबर सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची। एक अदालती याचिका के बाद पाकिस्तानी प्रशासन हरकत में आया और महिला को हिरासत में ले लिया गया। सरहद पार से आ रही ऐसी घटनाओं को लेकर चल रही सुरक्षा बहसों और हाल ही में हुई सीमा पार विवाह की अन्य चर्चित घटनाओं से तुलना के बीच, पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसे डिपोर्ट करने का कड़ा फैसला लिया। इस पूरे प्रकरण ने न केवल दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है, बल्कि वीजा नियमों की पवित्रता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आज उसे वाघा बॉर्डर के रास्ते भारतीय अधिकारियों को सौंपा जा रहा है, जो यह साबित करता है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सरहदों की लकीरों को जज्बातों से नहीं मिटाया जा सकता।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
