पावरग्रिड और अफ्रीका 50 ने केन्या में 400 केवी और 220 केवी ट्रांसमिशन परियोजना हेतु 30 वर्ष के पीपीपी समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह अफ्रीका में पावरग्रिड की पहली स्वतंत्र पारेषण परियोजना है, जो केन्या के राष्ट्रीय ग्रिड को मजबूत कर बिजली आपूर्ति विश्वसनीयता बढ़ाएगी।

गुरुग्राम। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अधीन महारत्न सार्वजनिक उपक्रम, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) ने अफ्रीका 50 के साथ साझेदारी में केन्या में एक महत्वपूर्ण विद्युत पारेषण बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए ऐतिहासिक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना अफ्रीका में पावरग्रिड की पहली स्वतंत्र पारेषण परियोजना होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी की पहली पूरी तरह से प्रोजेक्ट फाइनेंस मॉडल आधारित पारेषण परियोजना भी है।

समझौता समारोह पावरग्रिड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. आर. के. त्यागी, निदेशक (कार्मिक) डॉ. यतीन्द्र द्विवेदी और सीओओ (आईबी) श्री संजय कुमार गुप्ता की उपस्थिति में संपन्न हुआ। केन्या सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे, जिनमें प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्टेट डिपार्टमेंट फॉर एनर्जी श्री एलेक्स कामाउ वाचीरा, प्रिंसिपल सेक्रेटरी - द नेशनल ट्रेज़री डॉ. क्रिस के. किप्टू, कार्यकारी मैनेजिंग डायरेक्टर इंजीनियर किपकेमोई किबियास और डायरेक्टर जनरल - पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप डायरेक्टरेट इंजीनियर केफा सेडा शामिल थे।

इस परियोजना के अंतर्गत 400 केवी लेसोस-लोसुक और 220 केवी किसुमू-काकामेगा-मुसागा ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित किए जाएंगे, और इसकी रियायती अनुबंध अवधि 30 वर्ष निर्धारित की गई है। यह परियोजना न केवल केन्या के राष्ट्रीय ग्रिड को मजबूत करेगी बल्कि बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक विद्युत पहुंचाने में भी सहायक होगी।

पीपीपी ढांचे के तहत प्रस्तावित इस परियोजना से अफ्रीका में निजी क्षेत्र की ट्रांसमिशन परियोजनाओं में बढ़ते निवेश और विश्वास का संकेत मिलता है। अफ्रीका 50, जो अफ्रीकी सरकारों और अफ्रीकी विकास बैंक द्वारा स्थापित एक प्रमुख अवसंरचना निवेश मंच है, परियोजना में क्षेत्रीय विशेषज्ञता और वित्तीय संरचना क्षमता प्रदान करेगा, जबकि पावरग्रिड तकनीकी कौशल, संचालन और परियोजना प्रबंधन अनुभव का योगदान देगा।

एशिया, अफ्रीका और यूरोप के 25 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति के साथ पावरग्रिड ने विभिन्न और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में जटिल पारेषण समाधान प्रदान करने की अपनी क्षमता सिद्ध की है। 15 दिसम्बर 2025 तक पावरग्रिड 287 सब-स्टेशनों, 1,81,894 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों और 5,93,016 एमवीए ट्रांसफॉमेर्शन क्षमता के साथ संचालित हो रहा है। नवीनतम उपकरण, स्वचालन और डिजिटल समाधानों के उन्नत उपयोग के माध्यम से, पावरग्रिड ने 99.84% औसत ट्रांसमिशन प्रणाली उपलब्धता बनाए रखी है।

इस ऐतिहासिक समझौते से पावरग्रिड और अफ्रीका 50 की साझेदारी केन्या के ऊर्जा क्षेत्र में स्थायी और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

Pratahkal Bureau

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