2025 में सोने ने 1979 के बाद सबसे बड़ा उछाल लगाया है, अक्टूबर में रिकॉर्ड $4,381 प्रति औंस तक पहुंचा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 में सोने की कीमत $5,000 तक पहुंच सकती है, जबकि तेजी अपेक्षाकृत स्थिर रहेगी। केंद्रीय बैंक की नीतियां, निवेशकों की बढ़ती मांग और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं इस उछाल को सहारा दे रही हैं।

मुंबई। 2025 ने सोने के निवेशकों के लिए एक ऐतिहासिक साल साबित किया है। 1979 के तेल संकट के बाद यह सबसे बड़ी छलांग रही, जिसमें सोने की कीमतें पिछले दो वर्षों में दोगुनी हो गईं। अक्टूबर में स्पॉट गोल्ड ने रिकॉर्ड $4,381 प्रति ट्रॉय औंस तक का स्तर छू लिया, जबकि मार्च से पहले यह कभी $3,000 के पार नहीं गया था।

विश्लेषकों का मानना है कि इस उछाल के बावजूद सोने की चमक 2026 में और बढ़ सकती है। जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका और मेटल्स फोकस जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने अनुमान लगाया है कि सोने की कीमत $5,000 प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच सकती है। यह तेजी केंद्रीय बैंकों की नीतियों, निवेशकों की बढ़ती मांग और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारणों से संभव हो रही है।

बैंक ऑफ अमेरिका के रणनीतिकार माइकल विडमर ने कहा कि पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और अमेरिका के राजकोषीय घाटे, चालू खाते के संतुलन और कमजोर डॉलर नीति से भी सोने की मांग को गति मिली है। मेटल्स फोकस के मैनेजिंग डायरेक्टर फिलिप न्यूमैन ने जोड़ा कि यूक्रेन युद्ध, नाटो और रूस के बीच तनाव तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति संबंधी अनिश्चितताएं भी सोने को अतिरिक्त समर्थन दे रही हैं।

केंद्रीय बैंकों की ओर से डॉलर आधारित परिसंपत्तियों में विविधता लाने की रणनीति भी 2026 में सोने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी। जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों के अनुसार, कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए तिमाही मांग लगभग 350 मीट्रिक टन होनी चाहिए, जबकि 2026 में यह औसतन 585 टन प्रति तिमाही तक पहुंच सकती है।

मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2026 के मध्य तक सोना $4,500 प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जबकि जेपी मॉर्गन दूसरी तिमाही में औसत $4,600 से ऊपर और चौथी तिमाही में $5,000 से अधिक होने की संभावना देख रहा है। मेटल्स फोकस भी 2026 के अंत तक $5,000 तक की कीमत का अनुमान लगा रहा है।

विश्लेषकों का यह भी कहना है कि 2026 में सोने की तेजी अपेक्षाकृत स्थिर और कम नाटकीय होगी। मैक्वेरी के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि वैश्विक वृद्धि में सुधार, केंद्रीय बैंकों की नीतियों में संतुलन और अपेक्षाकृत ऊंची वास्तविक ब्याज दरें 2026 में औसत कीमतों को $4,225 प्रति औंस तक सीमित कर सकती हैं।

इस तेजी ने निवेशकों के लिए सोने को न केवल मूल्य संरक्षण बल्कि रणनीतिक निवेश का एक मजबूत साधन बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाओं के बीच सोने की भूमिका को और महत्वपूर्ण बनाएगा।

Pratahkal Bureau

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