मुंबई में जैन मित्र मंडल कुंवारिया का 19वां वार्षिक स्नेह सम्मेलन मोन्टेरिया विलेज में धूमधाम से संपन्न हुआ। ग्रामीण परिवेश के बीच आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में ट्रैक्टर-राइड और पारंपरिक कलाओं के साथ सांस्कृतिक एकता का प्रदर्शन किया गया। चन्डालिया और ओस्तवाल परिवारों के सम्मान सहित समाज की एकजुटता पर केंद्रित इस विशेष आयोजन की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

मुंबई। महानगर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, आत्मीयता और अपनी जड़ों से जुड़ाव का एक अनुपम दृश्य तब देखने को मिला जब जैन मित्र मंडल कुंवारिया, मुंबई का 19वां वार्षिक स्नेह सम्मेलन मोन्टेरिया विलेज के सुरम्य वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक मिलन समारोह नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी की खुशबू को महसूस करने का एक ऐसा जरिया बना, जिसने प्रवासी समाज के हर सदस्य के हृदय को अपनी ग्राम्य संस्कृति की यादों से सराबोर कर दिया।

समारोह के दौरान मोन्टेरिया विलेज का कोना-कोना उत्सव के रंगों में रंगा नजर आया। उपस्थित सदस्यों ने आधुनिकता के शोर से दूर गांव के नैसर्गिक परिवेश का जीवंत अनुभव किया। ट्रैक्टर की सवारी, चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाने की कला, बांस की टोकरियां बुनने का पारंपरिक कौशल और पुराने समय की याद दिलाते झूलों के आनंद ने बड़ों को उनके बचपन की याद दिलाई, तो वहीं नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से रूबरू होने का अवसर प्रदान किया। एडवेंचर गतिविधियों ने युवाओं में नया उत्साह भरा, जिससे पूरा वातावरण ऊर्जा और उल्लास से ओतप्रोत रहा।

शाम ढलते ही समारोह का सबसे गरिमामय पक्ष, सम्मान समारोह प्रारंभ हुआ। इस सत्र में समाज की एकजुटता और सेवा भाव का सम्मान करते हुए आयोजनकर्ता परिवार की शोभा देवी सुंदरलाल, पंकज ममता, जयेश शिल्पा, एवं केतन डिंपल क्रिश वीर हीर चन्डालिया परिवार का मंडल के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्वागताध्यक्ष कोमल सुगन संजय यश, तेजस, एवं लक्ष्मीदेवी शीतल ओस्तवाल परिवार को सम्मान के प्रतीक स्वरूप मोमेंटो भेंट किया गया, जो समाज के प्रति उनके निस्वार्थ योगदान को रेखांकित करता है।

बौद्धिक सत्र के दौरान प्रमुख वक्ता के रूप में महिला मंडल अध्यक्ष आशा ओस्तवाल और मंत्री जयश्री ओस्तवाल ने समाज की संगठनात्मक शक्ति और महिलाओं की भूमिका पर प्रभावशाली विचार रखे। वहीं पारस तातेड ने समाज की उन्नति और भावी योजनाओं को लेकर प्रेरक उद्बोधन दिया। कार्यक्रम की सफलता में पर्दे के पीछे रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं में कमलेश, माणक, दिनेश, महेन्द्र, प्रविण, मनिष पीपाड़ा, अशोक ओस्तवाल, निर्मल चंडालिया, पंकज चंडालिया, केतन चंडालिया और जयंती परमार का विशेष सहयोग रहा।

पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन महामंत्री पारस पीपाड़ा द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी वाकपटुता से कार्यक्रम में निरंतर प्रवाह बनाए रखा। इस दौरान महिला मंडल प्रमुख अंजना तातेड़ की सक्रियता ने आयोजन की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया। अंततः दिनेश पीपाड़ा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह 19वां सम्मेलन समाज के बीच प्रेम, सद्भाव और अटूट एकता का संदेश देते हुए संपन्न हुआ, जो आने वाले वर्षों के लिए नई ऊर्जा का संचार कर गया।

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