Maharashtra मंडियों में फसलों के दाम में उछाल; किसानों को बेहतर रिटर्न के संकेत
महाराष्ट्र की कृषि मंडियों में फरवरी 2026 की शुरुआत में कई प्रमुख फसलों के दाम MSP से ऊपर दर्ज किए गए हैं। बाजरा, ज्वार, मूंगफली और सरसों सहित कई जिंसों की कीमतों और आवक के ताजा आंकड़ों ने कृषि बाजार की गतिविधियों और किसानों की आय को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

MSP 2026 Maharashtra crops : महाराष्ट्र की कृषि मंडियों में फरवरी 2026 के शुरुआती दिनों में कृषि जिंसों के दामों और आवक के आंकड़ों ने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। 31 जनवरी से 2 फरवरी 2026 तक के आधिकारिक बाजार आंकड़ों में कई प्रमुख फसलों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर दर्ज किए गए हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों की नजरें मंडी गतिविधियों पर टिक गई हैं।
अनाज श्रेणी में दामों का रुझान :
- मंडी आंकड़ों के अनुसार, बाजरा (पर्ल मिलेट) का MSP 2,775 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, जबकि 2 फरवरी 2026 को इसका बाजार भाव 3,819.56 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसी तरह ज्वार का MSP 3,699 रुपये होने के बावजूद 2 फरवरी को इसकी कीमत 5,755.70 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई, जो MSP से काफी अधिक है।
- मक्का का MSP 2,400 रुपये प्रति क्विंटल तय है और मंडी में इसकी कीमत 3,248.22 रुपये तक दर्ज की गई। वहीं सामान्य धान का MSP 2,369 रुपये है, जबकि बाजार में इसका भाव 2,788.39 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया।
- रागी (फिंगर मिलेट) का MSP 4,886 रुपये तय है और बाजार में इसकी कीमत लगभग 5,100 रुपये से अधिक दर्ज की गई। गेहूं के लिए MSP 2,425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, हालांकि उपलब्ध आंकड़ों में इसकी ताजा कीमत का उल्लेख सीमित रूप से सामने आया है।
तिलहन और फाइबर फसलों में भी बढ़त :
- तिलहन श्रेणी में मूंगफली का MSP 7,263 रुपये निर्धारित है, जबकि 2 फरवरी को इसका बाजार भाव 7,931.56 रुपये दर्ज किया गया। सरसों का MSP 5,950 रुपये तय है, लेकिन बाजार में इसका भाव 8,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया।
- सफ्लावर (कुसुम) का MSP 5,940 रुपये निर्धारित है, जबकि इसका बाजार भाव 6,735.86 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। कपास के लिए MSP 7,710 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, हालांकि बाजार भाव से जुड़े विस्तृत आंकड़े सीमित रूप से उपलब्ध रहे।
मंडियों में आवक के आंकड़े :
मंडी आवक के आंकड़ों में धान की आवक सबसे अधिक दर्ज की गई, जो 2 फरवरी को लगभग 655.70 मीट्रिक टन रही। मूंगफली की आवक 704.10 मीट्रिक टन तक पहुंची, जिससे बाजार में आपूर्ति और मांग का संतुलन बना रहा। बाजरा, ज्वार और अन्य अनाजों की आवक तुलनात्मक रूप से कम रही, जिससे इन फसलों की कीमतों में तेजी देखने को मिली।
MSP और बाजार व्यवस्था का महत्व :
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) केंद्र सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम मूल्य सुरक्षा देने के उद्देश्य से तय किया जाता है। मंडी में MSP से ऊपर दाम मिलना किसानों के लिए आर्थिक रूप से सकारात्मक संकेत माना जाता है। हालांकि बाजार कीमतें मांग, आपूर्ति, मौसम और निर्यात परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं।
कृषि बाजार पर संभावित प्रभाव :
महाराष्ट्र की मंडियों में दर्ज इन कीमतों और आवक के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि राज्य में कृषि उत्पादन और बाजार गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। MSP से ऊपर दर्ज कई फसलों के भाव किसानों की आय के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जबकि आवक के आंकड़े बाजार संतुलन की स्थिति को दर्शाते हैं। आने वाले समय में मौसम, उत्पादन और निर्यात मांग के आधार पर इन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
