सब्सिडी के दावों के बीच Rajsthan की मंडियों में टूटा बाज़रा; सरसों और गेहूं ने संभाली बाज़ार की कमान
राजस्थान मंडी भाव 2026: राजस्थान की मंडियों में फसलों की कीमतों का पूरा विश्लेषण। सरसों और गेहूं के दाम MSP के पार, लेकिन बाजरा और मक्का की कीमतों में भारी गिरावट। जानें 04 फरवरी 2026 तक की आवक और बाज़ार भाव की स्थिति। बाजरा उत्पादक किसानों को उठाना पड़ रहा है भारी घाटा। पूरी रिपोर्ट यहाँ विस्तार से पढ़ें।

Rajasthan Agriculture Market Price : राजस्थान की कृषि मंडियों से प्राप्त ताजा आंकड़े राज्य के किसानों के लिए मिश्रित संकेत दे रहे हैं। फरवरी 2026 के शुरुआती सप्ताह में जहाँ सरसों और गेहूं जैसी रबी फसलों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखी है, वहीं बाजरा और मक्का जैसी खरीफ की प्रमुख फसलें सरकारी दावों के उलट खुले बाज़ार में औंधे मुंह गिरी हैं। 04 फरवरी 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि बिचौलियों और बाज़ार की अनिश्चितता ने एक बार फिर किसानों की आय पर दबाव बना दिया है।
मंडी भाव का कड़वा सच : MSP बनाम जमीनी हकीकत
राजस्थान के सभी जिलों की मंडियों में फसलों की आवक और कीमतों के बीच एक बड़ा विरोधाभास देखा जा रहा है।
- सरसों और गेहूं का सहारा: तिलहन के क्षेत्र में राजस्थान के प्रमुख उत्पाद 'सरसों' की बाज़ार कीमत ₹6,036 से ₹6,271 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज की गई, जो ₹5,950 के MSP से ऊपर है। इसी प्रकार गेहूं भी ₹2,425 के समर्थन मूल्य के मुकाबले ₹2,586 तक के भाव पर बिक रहा है।
- मोटा अनाज की बदहाली: सबसे चिंताजनक स्थिति बाजरा और मक्का की है। बाजरा, जिसका MSP ₹2,775 है, मंडियों में मात्र ₹2,008 से ₹2,213 प्रति क्विंटल के भाव पर सिमट गया है। मक्का की स्थिति और भी विकट है, जहाँ ₹2,400 के सरकारी रेट के मुकाबले किसान इसे ₹1,570 से ₹1,619 में बेचने को मजबूर हैं।
- ज्वार में भारी गिरावट: ज्वार की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी गई है, जहाँ ₹3,699 के MSP के विरुद्ध बाज़ार भाव गिरकर ₹1,945 तक पहुँच गया है।
- आवक के आंकड़े और बाज़ार का रुख
- फरवरी के इन तीन दिनों (02-04 फरवरी) में मंडियों में भारी हलचल रही:
- मूंगफली और कपास: मूंगफली (Groundnut) की आवक में निरंतरता देखी गई और इसकी कीमतें ₹6,248 प्रति क्विंटल के आसपास स्थिर रहीं। कपास (Cotton) ₹7,511 से ₹7,723 के भाव पर कारोबार कर रहा है।
- धान की भारी आवक: धान (Paddy Common) की आवक ने बाज़ार में रिकॉर्ड बनाया है, जहाँ 04 फरवरी को अकेले 18,500 मीट्रिक टन की आवक दर्ज की गई।
सरकारी सुरक्षा और चुनौतियाँ :
आंकड़े बताते हैं कि 'जौ' जैसी फसलें ₹1,980 के MSP के मुकाबले ₹2,437 के भाव पर बिककर किसानों को राहत दे रही हैं, लेकिन बाजरा उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल ₹600 से अधिक का घाटा उठाना पड़ रहा है। बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकारी खरीद केंद्रों पर प्रभावी ढंग से बाजरा और मक्का की उठाव नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी गिर सकती हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
