लातूर महानगरपालिका चुनाव: 132 नामांकन रद्द, 627 प्रत्याशी मैदान में; भाजपा और कांग्रेस ने नए चेहरों पर लगाया दांव
लातूर महानगरपालिका चुनाव 2026 का बिगुल बज चुका है। 132 नामांकन रद्द होने के बाद अब 627 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा और कांग्रेस ने 50 से अधिक नए चेहरों को मौका देकर चौंकाया है। 15 जनवरी को होने वाले मतदान में पुराने दिग्गजों और नए प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

लातूर | समाचार सेवा लातूर शहर की सत्ता पर काबिज होने के लिए राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। महानगरपालिका के आगामी चुनावों को लेकर जारी घमासान के बीच अब चुनावी रणभूमि का खाका पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा की गई नामांकन पत्रों की जांच (छानबीन) के बाद बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के अरमानों पर पानी फिर गया है। कुल प्राप्त 759 नामांकन पत्रों में से 132 आवेदन तकनीकी खामियों के चलते रद्द कर दिए गए हैं, जबकि अब 627 वैध उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे।
शहर के 18 प्रभागों की 70 सीटों के लिए चली इस प्रक्रिया में प्रभाग संख्या 1, 2 और 3 के कुछ आवेदनों पर उठाई गई आपत्तियों ने माहौल में गर्माहट पैदा कर दी थी। इन पर गुरुवार सुबह चुनाव निर्णय अधिकारी के समक्ष लंबी सुनवाई चली, जिसके पश्चात अंतिम छानबीन रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। नामांकन रद्द होने के पीछे मुख्य रूप से आवेदन का अधूरा होना, आवश्यक दस्तावेजों की कमी, सूचक एवं अनुमोदक की जानकारी में त्रुटि और प्रतिद्वंद्वियों द्वारा दर्ज कराई गई गंभीर आपत्तियां शामिल रहीं।
सत्ता के संग्राम में ‘नए रक्त’ और ‘अनुभव’ का मेल
इस बार लातूर का चुनावी रण बेहद दिलचस्प होने जा रहा है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ने ही संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव करते हुए ‘युवा और नए चेहरों’ को तरजीह दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिसमें पार्टी ने अपने 11 निवर्तमान पार्षदों पर दोबारा भरोसा जताया है, जबकि 59 नए चेहरों को चुनावी दंगल में उतारा है।
वहीं, कांग्रेस 65 सीटों पर ताल ठोक रही है और उसने 56 नए उम्मीदवारों को मौका देकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस ने अपने केवल 9 पुराने चेहरों को दोहराया है। रणनीतिक मोर्चे पर कांग्रेस ने वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ गठबंधन करते हुए उन्हें 5 सीटें दी हैं।
इन दिग्गजों पर पार्टियों ने फिर खेला दांव
कांग्रेस ने अपने जिन पुराने और अनुभवी योद्धाओं को फिर से मैदान में उतारा है, उनमें प्रभाग 2 से सचिन बंडापल्ले, प्रभाग 3 से विजयकुमार साबदे, प्रभाग 4 से गौरीबी बागवान व अहमदखान पठाण, प्रभाग 7 से युनूस मोमीन, प्रभाग 9 से सपना किसवे, प्रभाग 10 से कांचन अजनीकर व पूर्व महापौर एडवोकेट दीपक सूळ, और प्रभाग 13 से पूर्व सभापति बाळासाहेब उर्फ पप्पू देशमुख का नाम शामिल है।
दूसरी ओर, भाजपा ने अपने अनुभवी नेताओं पर विश्वास जताते हुए प्रभाग 1 से पूर्व उपमहापौर देविदास काळे, प्रभाग 6 से ज्योती आवसकर, प्रभाग 8 से पूर्व सभापति एडवोकेट शैलेश गोजमगुंडे व शैलेश स्वामी, प्रभाग 12 से रागिनी यादव, डॉ. दीपा गीते व एडवोकेट गणेश गोमचाळे, प्रभाग 14 से स्वाती घोरपडे, प्रभाग 15 से एडवोकेट दीपक मठपती और प्रभाग 17 से शोभा पाटील को टिकट दिया है।
प्रभागवार प्रत्याशियों की स्थिति और चुनावी भविष्य
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रभाग 3 में सर्वाधिक 58 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि प्रभाग 17 में सबसे कम 19 प्रत्याशी हैं। अन्य प्रभागों में भी मुकाबला त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय होने की संभावना है। प्रभागवार वैध उम्मीदवारों की संख्या इस प्रकार है: प्रभाग 1 (43), 2 (46), 4 (35), 5 (27), 6 (35), 7 (28), 8 (32), 9 (29), 10 (27), 11 (27), 12 (29), 13 (37), 14 (46), 15 (43), 16 (44) और प्रभाग 18 (22)।
15 जनवरी को होने वाला मतदान लातूर के भविष्य की नई इबारत लिखेगा। पुराने दिग्गजों की साख और नए चेहरों के उत्साह के बीच होने वाला यह संघर्ष न केवल स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेगा, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी एक निर्णायक संकेत साबित होगा।

Pratahkal Newsroom
PratahkalNewsroom is the editorial team of Pratahkal News, dedicated to delivering accurate, timely, and unbiased news. Our newsroom focuses on verified reporting, in-depth analysis, and responsible journalism across politics, society, economy, and national affairs.
