महाराष्ट्र के जामनेर में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां पिंप्री फत्तेपुर निवासी 34 वर्षीय ट्रैक्टर चालक सलीम गुलाब तडवी की डीजल पीने से मौत हो गई। ट्रैक्टर में नली से डीजल भरते समय ईंधन पेट में जाने से उनकी तबीयत बिगड़ी और जलगांव अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। एमआईडीसी पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु दर्ज की है।

जालना/जामनेर: महाराष्ट्र के जामनेर तहसील के अंतर्गत आने वाले पिंप्री फत्तेपुर गांव में एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवा ट्रैक्टर चालक की महज एक छोटी सी लापरवाही उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गई। ट्रैक्टर की टंकी में नली के जरिए मुंह से डीजल खींचकर डालने के प्रयास में डीजल सीधे पेट और फेफड़ों में चला गया, जिससे उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है और डीजल-पेट्रोल जैसे रसायनों के साथ काम करते समय बरती जाने वाली असावधानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक की पहचान सलीम गुलाब तडवी (उम्र 34 वर्ष), निवासी पिंप्री फत्तेपुर, जामनेर के रूप में हुई है। सलीम पेशे से एक वाहन चालक थे और ट्रैक्टर चलाकर अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करते थे। घटना के अनुसार, गुरुवार 1 जनवरी की दोपहर करीब 3 बजे सलीम अपने काम पर थे और ट्रैक्टर में ईंधन भरने की तैयारी कर रहे थे। कैन से डीजल को ट्रैक्टर की टंकी में स्थानांतरित करने के लिए उन्होंने पारंपरिक तरीका अपनाया और नली के एक सिरे को मुंह से लगाकर डीजल खींचने लगे। इसी दौरान अचानक डीजल का तेज प्रवाह उनके मुंह के जरिए शरीर के भीतर चला गया।

डीजल पेट में जाते ही सलीम की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें बेचैनी महसूस होने लगी। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत जलगांव के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए अथक प्रयास किए, लेकिन शरीर के भीतर ईंधन के रसायनों ने गहरा संक्रमण फैला दिया था। तीन दिनों तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बाद, रविवार 4 जनवरी की मध्यरात्रि करीब 12:30 बजे सलीम की प्राणज्योति बुझ गई। इस खबर के मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में सोमवार सुबह 9 बजे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु (AD) का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। एक हंसता-खेलता परिवार इस छोटी सी चूक के कारण उजड़ गया। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि उन सभी ड्राइवरों और मैकेनिकों के लिए एक चेतावनी भी है जो अक्सर असुरक्षित तरीके से ईंधन खींचने का जोखिम उठाते हैं। सलीम तडवी की मौत ने एक बार फिर सुरक्षा उपकरणों के महत्व और खतरनाक रसायनों के प्रति जागरूकता की कमी को उजागर कर दिया है।

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