लातूर में डीआईजी शहाजी उमाप का वार्षिक दौरा: पुलिस बल का भव्य शक्ति प्रदर्शन और 40 लाख की साइबर ठगी की रिकवरी
लातूर पुलिस मुख्यालय में डीआईजी शहाजी उमाप ने वार्षिक प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान भव्य परेड की सलामी ली। इस अवसर पर एसपी अमोल तांबे और एएसपी मंगेश चव्हाण की मौजूदगी में दंगा नियंत्रण और सुरक्षा के बेहतरीन प्रदर्शन किए गए। साथ ही, डिजिटल अरेस्ट ठगी के शिकार व्यक्ति को 40 लाख रुपये वापस दिलाकर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की और अवैध धंधों पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी दी।

लातूर: नांदेड़ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) श्री शहाजी उमाप के लातूर जिले के आठ दिवसीय वार्षिक प्रशासनिक निरीक्षण दौरे ने खाकी के अनुशासन और मुस्तैदी की एक नई परिभाषा लिखी है। इस दौरे का मुख्य आकर्षण बाभळगाव स्थित पुलिस मुख्यालय के विशाल मैदान पर आयोजित की गई भव्य परेड रही, जहाँ लातूर पुलिस के जांबाजों ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और शौर्य का प्रदर्शन किया। इस शानदार परेड का नेतृत्व जिला पुलिस अधीक्षक श्री अमोल तांबे और अपर पुलिस अधीक्षक श्री मंगेश चव्हाण ने किया। परेड के दौरान अधिकारियों और जवानों के बीच का समन्वय, शारीरिक क्षमता और उनके प्रशिक्षण का स्तर इतना प्रभावी था कि डीआईजी शहाजी उमाप ने उनकी खुले दिल से प्रशंसा की।
मैदान पर केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि आपात स्थितियों से निपटने की पुलिस की क्षमता का जीवंत चित्रण भी देखने को मिला। मॉब डिसपर्सल टीम, दंगा नियंत्रण पथक, बॉम्ब शोधक एवं नाशक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वाड ने विभिन्न प्रात्यक्षिकों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि लातूर पुलिस किसी भी अप्रिय घटना या आतंकवादी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। इसके अतिरिक्त, विभाग के भीतर मानवीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों हेतु एक स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री उमाप ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को सुना और स्पष्ट किया कि उनके अनुभव विभाग के लिए आज भी अत्यंत बहुमूल्य हैं।
इस दौरे के दौरान लातूर पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि उस वक्त सामने आई, जब 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए 71 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार हुए एक सेवानिवृत्त नागरिक को न्याय मिला। साइबर पुलिस की तत्परता और कानूनी प्रयासों के कारण फ्रीज की गई राशि में से 40,63,870.18 रुपये की रिकवरी की गई। डीआईजी शहाजी उमाप ने स्वयं पीड़ित को इस राशि का चेक सौंपते हुए पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। 26 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक चले इस सघन निरीक्षण के दौरान श्री उमाप ने जिले के विभिन्न थानों के अभिलेखों, शस्त्रागार और जनशक्ति प्रबंधन की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अवैध शराब, गुटखा और सट्टे जैसे अवैध धंधों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए। साथ ही, 'संवेदना' उपक्रम के माध्यम से पुलिस थानों में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि जनता और पुलिस के बीच विश्वास का सेतु और मजबूत हो सके।

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