धुले में चाळीसगाव रोड पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संवेदनशील पहल से पारिवारिक उत्पीड़न से पीड़ित चार भाई-बहनों को नया जीवन मिला। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे के मार्गदर्शन और पीआई सुरेश कुमार घुसर की तत्परता से बच्चों को सुरक्षित आश्रय और भविष्य की नई दिशा मिली।

धुले शहर में मानवता और संवेदनशील पुलिसिंग की एक मिसाल सामने आई है, जहां चाळीसगाव रोड पुलिस और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ताओं की तत्परता ने पारिवारिक उत्पीड़न से जूझ रहे चार भाई-बहनों को नया जीवन और सुरक्षित भविष्य प्रदान किया। पारिवारिक कलह और मां द्वारा लगातार किए जा रहे मानसिक व शारीरिक जाच से त्रस्त ये बच्चे आत्मघाती कदम उठाने की कगार पर थे, लेकिन समय रहते हुए हस्तक्षेप ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।

घटना धुले के गरीब नवाज नगर क्षेत्र से जुड़ी है, जहां चारों भाई-बहन अपनी मां के साथ रह रहे थे। लगातार मारपीट और गाली-गलौज से परेशान इन बच्चों में से 19 वर्षीय बड़ी बहन गहरे अवसाद में चली गई थी और आत्महत्या जैसे टोक के कदम पर विचार कर रही थी। जैसे ही यह गंभीर जानकारी सामने आई, मिल्लत नगर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक साहिल सत्तार खान, मन्यार जमील अहमद और इमरान अहमद शकील अहमद खाटीक ने बिना देर किए हस्तक्षेप किया और बच्चों तथा उनकी मां को चाळीसगाव रोड पुलिस थाने में प्रस्तुत किया।

मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक सुरेश कुमार घुसर ने संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की। उन्होंने स्वयं पीड़ित बच्चों और महिला के निवास स्थान पर जाकर स्थिति की जांच की। जांच में यह सामने आया कि बच्चों के पिता मालेगांव में रहते हैं और मां की ओर से बच्चों का पालन-पोषण ठीक से नहीं हो पा रहा था, जिससे बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा था।

बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस निरीक्षक सुरेश कुमार घुसर ने सामाजिक कार्यकर्ताओं साहिल सत्तार खान, मन्यार जमील अहमद और इमरान अहमद शकील अहमद खाटीक के सहयोग से चारों भाई-बहनों, जिनकी आयु 10 से 19 वर्ष के बीच है, को मालेगांव स्थित ‘राबीया बसरीया मदरसा’ भेजने की व्यवस्था की, जहां उनकी आगे की देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

इस मानवीय पहल में यहीं विराम नहीं लगा। पुलिस निरीक्षक सुरेश कुमार घुसर ने सबसे बड़ी बहन के विवाह को लेकर भी पहल करते हुए बताया कि उनके आवाहन के बाद लड़की के लिए कुछ अच्छे रिश्ते सामने आए हैं और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने का निर्णय लिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे के मार्गदर्शन में चाळीसगाव रोड पुलिस, सामाजिक कार्यकर्ता साहिल सत्तार खान, मन्यार जमील अहमद और इमरान अहमद शकील अहमद खाटीक द्वारा किए गए इस समन्वित प्रयास की पूरे धुले जिले में सराहना हो रही है। यह घटना न केवल संवेदनशील पुलिसिंग का उदाहरण है, बल्कि समाज के सजग नागरिकों की भूमिका को भी रेखांकित करती है, जिन्होंने समय पर हस्तक्षेप कर चार जिंदगियों को अंधेरे से उजाले की ओर मोड़ दिया।

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