धुले जिले में बड़ा खुलासा: निजामपुर थाने में 200 से अधिक मामलों का ‘मुद्येमाल’ गायब पाए जाने पर SP श्रीकांत धीवरे ने दो पुलिस हवलदारों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ BNS-2023 की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कराई। विशेष जांच दल पुराने मामलों की दोबारा जांच कर रहा है और पुलिस विभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

धुले जिले के पुलिस तंत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे ने एक चौंकाने वाली अनियमितता उजागर करते हुए निजामपुर पुलिस थाने में तैनात दो हवलदारों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। जांच में सामने आया कि दोनों ने 200 से ज्यादा मामलों में जब्त किए गए कीमती ‘मुद्येमाल’ को या तो अदालत में पेश नहीं किया या वह रहस्यमय तरीके से गायब कर दिया गया।

यह गंभीर मामला तब सामने आया जब हाल ही में की गई आंतरिक जांच में पता चला कि हवलदार महेंद्र जाधव और शरद ठाकरे, जिन पर जब्त माल की जिम्मेदारी थी, कई मामलों में सबूतों और कीमती वस्तुओं को समय पर प्रस्तुत नहीं कर पाए। रजिस्टरों में दर्ज वस्तुएं और वास्तविक उपलब्ध सामग्री के बीच भारी अंतर पाया गया, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ी कार्रवाई शुरू की। दोनों हवलदारों को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने संतोषजनक स्पष्टीकरण देने से इंकार किया और न ही गायब सामान की भरपाई की कोशिश की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने न केवल दोनों को निलंबित किया, बल्कि उनके खिलाफ उसी निजामपुर पुलिस थाने में मामला भी दर्ज करा दिया। दोनों हवलदारों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 314 (अपचारी अपहार), धारा 316 (विश्वासघात) और धारा 316(5) के तहत सार्वजनिक पद का दुरुपयोग कर विश्वासघात करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दोष सिद्ध होने पर इन्हें दस साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।




इस घटना के सामने आते ही पूरे जिले के पुलिस विभाग में सतर्कता बढ़ा दी गई है। एक विशेष जांच दल गठित किया गया है, जो पिछले वर्षों के सभी संवेदनशील मामलों की दोबारा जांच कर रहा है। थानों के स्ट्रॉन्ग रूम, रजिस्टर, जब्त सामान के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि हेराफेरी का दायरा कितना बड़ा है और क्या इसमें अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।

जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने जिले के सभी थानों को कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि भविष्य में जब्त माल के रख-रखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग एक नई पारदर्शी नीति लागू करने की तैयारी में है, जिससे आगामी दिनों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। यह कार्रवाई पुलिस प्रणाली में जिम्मेदारी और जवाबदेही की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

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