धुले जिले के शिरपुर तालुका में पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाते हुए वनभूमि पर की जा रही अवैध गांजा खेती का भंडाफोड़ किया। न्यायालय की अनुमति से दो स्थानों पर 21 क्विंटल से अधिक गांजा मौके पर ही जलाकर नष्ट किया गया, जिसकी कीमत 1 करोड़ 6 लाख रुपये से अधिक थी। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

धुले जिले के शिरपुर तालुका के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में पुलिस ने एक बड़े अभियान को अंजाम देते हुए अवैध गांजा खेती के जाल को ध्वस्त कर दिया। ‘ऑपरेशन क्लीन’ नामक इस कार्रवाई में पुलिस ने वन विभाग की आरक्षित भूमि पर लहलहा रही करोड़ों की गांजा फसल को मौके पर ही आग के हवाले कर दिया। नशे के कारोबार की यह फसल लंबे समय से पहाड़ियों के बीच छिपकर पनप रही थी, जिसका अंत न्यायालय की अनुमति के साथ एक ही दिन में कर दिया गया।

शिरपुर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक जयपाल हिरे को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि जामण्यापाणी गांव की सीमा में वनभूमि पर अज्ञात लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर गांजा उगाया जा रहा है। यह क्षेत्र बेहद दुर्गम था, जहाँ से जब्त की गई फसल को थाने या शहर तक लाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। ऐसी स्थिति को देखते हुए पुलिस ने न्यायालय से विशेष अनुमति प्राप्त की और कार्यकारी दंडाधिकारी की मौजूदगी में मौके पर ही पंचनामा कर फसल नष्ट करने का निर्णय लिया।





कार्रवाई दो अलग-अलग स्थानों पर की गई। पहला स्थान जामण्यापाणी वन क्षेत्र का भोरखेड़ा था, जहाँ करीब 40 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर अवैध गांजा की खेती फैली हुई थी। पुलिस ने यहां से 42 लाख 45 हजार रुपये मूल्य के पौधों को निकालकर जलाया। वहीं, दूसरा स्थान बभलाज क्षेत्र था, जहां छापेमारी की भनक लगते ही तस्करों ने सबूत मिटाने की कोशिश में 82 गुंठा क्षेत्र की गांजा फसल काटकर जमीन पर फैला दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने वहां पहुंचकर 1,276 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग 63 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई। इस भारी मात्रा को भी जंगल में ही इकट्ठा कर जला दिया गया।

पूरे अभियान में कुल 2,125 किलोग्राम यानी 21 क्विंटल से अधिक गांजा नष्ट किया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नष्ट की गई अवैध फसल की कुल कीमत 1 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपये है। धुले पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों में अफरा-तफरी मच गई है। फिलहाल, हेड कॉन्स्टेबल सागर ठाकुर की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस इस अवैध खेती के पीछे की पूरी साजिश की जांच कर रही है।

धुले पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल वनभूमि को नशे की जकड़न से मुक्त किया, बल्कि क्षेत्र में फैले अवैध नशा व्यापार को भी गहरा झटका दिया है।

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