लातूर के जवाहर नवोदय विद्यालय में 12 वर्षीय छात्रा अनुष्का पाटोळे की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई है। पिता की शिकायत पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

लातूर जिले के चिंचोलीराववाडी स्थित प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालय में एक 12 वर्षीय छात्रा की असामयिक और दर्दनाक मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। शिक्षा के मंदिर में हुई इस हृदयविदारक घटना ने न केवल अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि प्रशासनिक गलियारों में भी खलबली मचा दी है। इस बेहद संवेदनशील मामले में लातूर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पारदर्शी जांच शुरू की है और दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?
घटना 4 जनवरी 2026 की है, जब जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रावास में रहने वाली छठी कक्षा की छात्रा, कु. अनुष्का किरणकुमार पाटोळे (निवासी टाका, तहसील औसा) की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। अनुष्का जुलाई 2025 से ही विद्यालय के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इस घटना के बाद मृतका के पिता किरणकुमार श्रीमंत पाटोळे ने 5 जनवरी 2026 को एम.आई.डी.सी. पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पिता द्वारा दी गई शिकायत में रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी बेटी को छात्रावास में मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 115(2), 3(5) और अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस का 'एक्शन मोड' और वैज्ञानिक जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए लातूर पुलिस ने जांच में कोई भी चूक न हो, इसके लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। दो सरकारी गवाहों (पंचों) की मौजूदगी में घटनास्थल का पंचनामा किया गया और 'ई-साक्ष्य' ऐप के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महिला पुलिस अधिकारी की निगरानी में छात्रा के शव का 'इन-कैमरा' पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने विसरा और अन्य महत्वपूर्ण नमूने रासायनिक विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

दो आरोपी गिरफ्तार, मिली पुलिस रिमांड प्राथमिक जांच और मिले ठोस सबूतों के आधार पर पुलिस ने 6 जनवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए पल्लवी सचिन कणसे और लता दगडू गायकवाड को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 9 जनवरी 2026 तक पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है।

जीरो टॉलरेंस की नीति
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच सीधे लातूर पुलिस अधीक्षक श्री अमोल तांबे के मार्गदर्शन और उपविभागीय पुलिस अधिकारी (शहर) श्री समीर साल्वे के नेतृत्व में की जा रही है। पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज, उपस्थिति रजिस्टर और कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाई जाएगी। इस दुखद घटना के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कानून अपना काम सख्ती से करेगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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