चंद्रपुर जिले के कोरपना तहसील स्थित स्मार्ट ग्राम बिबी में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों से परेशान ग्रामपंचायत ने बड़ा फैसला लिया है। अब गांव में दोबारा सड़कें नहीं फोड़ी जाएंगी और लापरवाह ठेकेदार पर पूर्ण बहिष्कार किया गया है। यह निर्णय विकास और जवाबदेही की दिशा में अहम माना जा रहा है।

चंद्रपुर जिले के कोरपना तहसील में स्थित आदर्श और स्मार्ट ग्राम के रूप में पहचान बना चुके बिबी गांव में जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। बीते ढाई वर्षों से अधूरे और अव्यवस्थित कार्यों के कारण परेशान ग्रामवासियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया, जिसके बाद ग्रामपंचायत ने प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

ग्रामपंचायत बिबी ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत चल रहे कार्यों ने गांव को विकास की जगह अव्यवस्था की ओर धकेल दिया है। जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं, नालियों के चेंबर तोड़ दिए गए और उनकी मरम्मत तक नहीं की गई। नतीजतन गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य, यातायात और रोजमर्रा के जीवन पर गंभीर असर पड़ा है।

स्थिति की गंभीरता इस बात से भी झलकती है कि ग्रामपंचायत बिबी में करीब 35 लाख रुपये की लागत से पेवर ब्लॉक, सड़क मरम्मत, नई ड्रेनेज और अन्य विकास कार्य स्वीकृत हैं। इनके अनुमान पत्रक भी तैयार हो चुके हैं, लेकिन जल जीवन मिशन के अधूरे कामों के कारण ये सभी परियोजनाएं महीनों से ठप पड़ी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो स्वीकृत निधि के वापस चले जाने का खतरा भी मंडरा रहा है।

इसी पृष्ठभूमि में 30 दिसंबर को आयोजित ग्रामपंचायत बिबी की मासिक सभा में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि ग्रामपंचायत स्तर पर जिन स्थानों पर नई सड़कें और विकास कार्य किए जाएंगे, वहां भविष्य में किसी भी योजना के नाम पर दोबारा सड़कें फोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्रामपंचायत स्वयं सड़क मरम्मत कराएगी और उसके बाद किसी भी विभाग या एजेंसी को खुदाई की इजाजत नहीं होगी।

इसके साथ ही जल जीवन मिशन के ठेकेदार के लापरवाह, धीमे और गैर-जिम्मेदाराना कामकाज पर कड़ा संज्ञान लेते हुए ग्रामपंचायत ने उनके गांव में प्रवेश पर रोक लगाने और उनके सभी कार्यों पर पूर्ण बहिष्कार का प्रस्ताव भी पारित किया। ग्रामपंचायत ने यह भी साफ किया कि सीमित आय के चलते जल जीवन मिशन के कारण हुए सड़कों, नालियों और चेंबरों के नुकसान की भरपाई करना उसके लिए संभव नहीं है।

इस निर्णय की आधिकारिक प्रतिलिपि जल जीवन मिशन विभाग, पंचायत समिति कोरपना, जिला परिषद चंद्रपुर और जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दी गई है। बिबी ग्रामपंचायत का यह कदम न केवल गांव के भविष्य के विकास की दिशा तय करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब योजनाएं जमीनी स्तर पर विफल होती हैं, तो स्थानीय स्वशासन किस तरह सख्त और साहसिक निर्णय लेने को मजबूर हो जाता है।

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