कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान संविदा शिक्षिका द्वारा 12वीं की क्लास लेने पर अभिभावकों ने सुरक्षा और गोपनीयता पर सवाल उठाए हैं।

सीबीएसई 10 वि कक्षा की परीक्षा चलते हुए संविदा शिक्षिका ने परीक्षा केंद्र में ली 12 वि कक्षा की एक्स्ट्रा क्लास


घटना का विवरण: परीक्षा के दौरान नियमों की अनदेखी

चंद्रपुर के तुकुम परिसर में स्थित बीजेएम कार्मेल स्कूल में सीबीएसई बोर्ड की 10 वी कक्षा की परीक्षा चालू रहते हुए बोर्ड के नियमों को ताक पर रख कर एक संविदा शिक्षिका द्वारा स्कूल में 12वीं कक्षा की एक्स्ट्रा क्लास लेने कारनामा करने का मामला सामने आया है। ज्ञात हो 17 फरवरी से सीबीएसई बोर्ड की 10 वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा शुरू है जिसके अंतर्गत चंद्रपुर के बीजेएम कार्मेल स्कूल में 10 वी का परीक्षा केंद्र है।

शनिवार की घटना और शिक्षिका की भूमिका

शनिवार को उपरोक्त स्कूल में सुबह 10 वीं का इंग्लिश का पेपर विद्यार्थियों द्वारा छुड़ाया जा रहा था उसी समय बोर्ड के नियमों के विरुद्ध स्कूल की सरिता उपाध्याय नामक रसायन शास्त्र की संविदा शिक्षिका द्वारा:

  • एक्स्ट्रा क्लास हेतु बच्चों को बुलाकर 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक केंद्र परिसर में क्लास ली गई।
  • सीबीएसई बोर्ड के परीक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थी और उस स्कूल के प्रिंसिपल की इस मामले में मूक सहमति नजर आ रही थी।

नियमों का उल्लंघन और सुरक्षा पर सवाल

सीबीएसई बोर्ड के नियमानुसार परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के परिसर में किसी भी प्रकार की गतिविधियों पर पाबंदी होती है। लेकिन बीजेएम कार्मेल स्कूल में परीक्षा केंद्र के ही एक कमरे में 12 वीं कक्षा की एक्स्ट्रा क्लास लेनेवाली संविदा शिक्षिका को किसी ने रोका क्यों नहीं?

सर्वप्रथम वह शिक्षिका बोर्ड की 10 वी की परीक्षा शुरू होने के बाद करीब 10:30 बजे स्कूल में दाखिल हुई और दोपहर करीब 1:30 बजे परीक्षा का समय पूरा होने पर क्लास खत्म कर चले गई। इन तीन घंटों में क्या स्कूल प्रशासन गहरी नींद में था?

अभिभावकों के गंभीर आरोप और आशंकाएं

जहाँ परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों और शिक्षकों के अलावा किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता, ऐसे में एक संविदा शिक्षिका 10 से 12 बच्चों को नियमों के विरुद्ध परीक्षा केंद्र बुलाकर एक्स्ट्रा क्लास लेकर नियमों की धज्जियां उड़ा रही थी और स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग मूकदर्शक बन देख रहा था।

स्कूल के बाहर खड़े पालक आरोप कर रहे थे कि: "संविदा शिक्षिका घर पर ट्यूशन लेती है, कहीं ट्यूशन आनेवाले विद्यार्थियों की परीक्षा में मदद करने एक्स्ट्रा क्लास का बहाना कर शिक्षिका ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया हो? क्योंकि परीक्षा चालू होने के आधे घंटे बाद ही उक्त टीचर ने केंद्र में प्रवेश किया तथा परीक्षा खत्म होने के आधे घंटे पहले वो बाहर निकल गई।"

प्रशासनिक ढिलाई और भविष्य की कार्रवाई

सबसे पहली बात तो संविदा शिक्षिका को 10 वी बोर्ड के परीक्षा केंद्र में आने की इजाजत किसने दी? और किसने उस टीचर को परीक्षा के समय एकस्ट्रा क्लास लेने की इजाजत दी? एक्स्ट्रा क्लास लेने वह 10 बोर्ड पेपर के समय से पहले या बाद में भी आ सकती थी?

उस टीचर का परीक्षा के समय परीक्षा केंद्र में दाखिल होना और परीक्षा खत्म होने से कुछ समय पहले निकल जाना, ये परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े अभिभावकों की आशंका को और मजबूत करता है! आखिर एक संविदा टीचर को इतनी छूट किसने और क्यों दी जहां 10 वी बोर्ड की परीक्षा होने की वजह से बाकी कक्षाओं को छुट्टी दी गई थी वहीं इस टीचर ने बोर्ड के सारे नियमों को धत्ता बताकर अपनी मनमानी कर सीबीएसई बोर्ड के नियमों की धज्जियां उड़ाई है।

अब देखना ये है कि बीजेएम कार्मेल स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग उस संविदा टीचर पर क्या करवाई करता है।

Pratahkal Newsroom

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