क्या चेहरे पर बेसन लगाना वाकई सुरक्षित है? जानिए बेसन के उपयोग पर हुए नवीनतम स्किन रिसर्च के परिणाम। विशेषज्ञों ने बताया है कि कैसे बेसन ऑयली स्किन के लिए वरदान है लेकिन ड्राई स्किन को भारी नुकसान पहुँचा सकता है। मुँहासे, टैनिंग और स्किन पीएच (pH) पर बेसन के वैज्ञानिक प्रभाव की विस्तृत रिपोर्ट। अपनी स्किन टाइप के अनुसार सही चुनाव करें।

benefits and side effects of besan for dry skin : भारतीय सौंदर्य परंपरा में 'बेसन' (Gram Flour) को सदियों से एक अचूक औषधि माना गया है, लेकिन आधुनिक डर्मेटोलॉजी और स्किन रिसर्च ने इसके उपयोग को लेकर कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। हालिया शोध बताते हैं कि जो बेसन आपकी त्वचा को निखार सकता है, वही गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर समय से पहले झुर्रियां और रूखेपन का कारण भी बन सकता है। सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि बेसन का प्रभाव व्यक्ति की आनुवंशिक त्वचा संरचना (Skin Genetics) पर निर्भर करता है, जिससे यह समझना अनिवार्य हो गया है कि यह प्राकृतिक उत्पाद हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो बेसन एक उत्कृष्ट 'नेचुरल एक्सफोलिएटर' है। इसमें मौजूद सूक्ष्म कण मृत कोशिकाओं (Dead Skin Cells) को हटाने और रोमछिद्रों को गहराई से साफ करने में मदद करते हैं। ऑयली स्किन वाले व्यक्तियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि यह अतिरिक्त सीबम को सोखकर मुँहासों को जन्म देने वाले बैक्टीरिया का सफाया करता है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि बेसन का 'पीएच मान' (pH Value) त्वचा के प्राकृतिक अम्लीय आवरण (Acid Protective Mantle) से काफी अलग होता है। अधिक उपयोग से त्वचा का सुरक्षा कवच कमजोर हो सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बेसन का सबसे बड़ा 'साइड इफेक्ट' ड्राई और सेंसिटिव स्किन पर देखा गया है। चूंकि बेसन नमी को सोखने की प्रवृत्ति रखता है, इसलिए इसे बिना किसी हाइड्रेटिंग एजेंट (जैसे मलाई या शहद) के लगाने से त्वचा की आंतरिक परतें डिहाइड्रेटेड हो सकती हैं। कानूनी और मानक सुरक्षा के नजरिए से, सौंदर्य प्रसाधन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी घरेलू नुस्खे को 'क्लीनिकल ट्रम्प कार्ड' नहीं माना जाना चाहिए। विशेष रूप से एक्जिमा या सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बिना डॉक्टरी सलाह के बेसन के लेप का प्रयोग करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसके मोटे कण सूक्ष्म घाव (Micro-tears) पैदा कर सकते हैं।

इस शोध आधारित विश्लेषण का निष्कर्ष यह है कि बेसन एक प्रभावशाली सौंदर्य साधन है, बशर्ते इसका उपयोग बुद्धिमानी से किया जाए। आधुनिक स्किन केयर रूटीन में इसे शामिल करने से पहले अपनी त्वचा की प्रकृति को पहचानना अनिवार्य है। परंपरा और विज्ञान का सही तालमेल ही आपकी त्वचा को वह चमक प्रदान कर सकता है जिसकी आप चाहत रखते हैं। अंततः, प्राकृतिक होना हमेशा सुरक्षित होने की गारंटी नहीं देता; सही मात्रा और सही मिश्रण ही आपकी सुंदरता की असली कुंजी है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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