कोटा में प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में छात्रों का शक्ति प्रदर्शन, जिग्नेश मेवानी और पुष्पेंद्र भारद्वाज ने सरकार पर साधा निशाना
कोटा में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत आयोजित छात्र-युवा रैली और कलेक्ट्रेट घेराव में पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में हजारों छात्र जुटे। जिग्नेश मेवानी, पुष्पेंद्र भारद्वाज और अन्य नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए।

तस्वीर में कोटा में आयोजित छात्र-युवा रैली के दौरान मंच पर माइक से संबोधन देते हुए नेता और बड़ी संख्या में मौजूद भीड़ नजर आ रही है।
कोटा में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के देशव्यापी "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत आयोजित छात्र-युवा रैली और जिला कलेक्ट्रेट घेराव में पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में उम्मेद क्लब, नयापुरा पर हजारों की संख्या में छात्र और कार्यकर्ता जुटे। सुबह 10 बजे से ही छात्र और कार्यकर्ता पैदल, बसों, चार पहिया तथा दो पहिया वाहनों से ढोल-नगाड़ों, तिरंगे झंडों और सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते वहां हजारों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।
प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम के नेशनल कोऑर्डिनेटर जिग्नेश मेवानी तथा कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज के साथ रैली उम्मेद क्लब से रवाना हुई। यह रैली नयापुरा होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम के नेशनल कोऑर्डिनेटर एवं गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि कोटा के सांसद एवं लोकसभा स्पीकर ओम बिरला संसद में राहुल गांधी सहित विपक्ष के नेताओं का कितना भी माइक बंद कर दें, लेकिन कोटा की आवाज रुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि आज कोटा के छात्रों ने यह साबित कर दिया है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों के कारण ही नरेंद्र मोदी और अमित शाह की खटिया खड़ी हो गई है। मेवानी ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर आज पूरे देश के 28 शहरों में छात्रों द्वारा जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया है।
कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि केवल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ और बहन-बेटियों के साथ पुलिस द्वारा बर्बरता की गई, उसके बाद गृहमंत्री अमित शाह को भी इस्तीफा देना होगा। उन्होंने कहा कि देश का युवा जाग चुका है और मोदी सरकार से अपने अधिकारों को लेकर सवाल पूछ रहा है। साथ ही देश की व्यवस्था बदलने और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है।
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के नौजवानों में भारत सरकार के खिलाफ गुस्सा है। उन्होंने कहा कि 56 इंच के सीने को छात्रों की 28 सेकंड की रील ने धूल चटा दी और अभी यह गुस्सा शांत नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने देश के नौजवानों को गुमराह किया, उनके साथ जुल्म-ज्यादती की, बिहार में गोलियां चलवाईं और बंगाल में लाठियां चलवाकर यह समझ लिया कि देश का नौजवान डर जाएगा। उन्होंने कहा कि अब नौजवान डरने वाला नहीं है और यह उसके आत्मसम्मान की लड़ाई है।
प्रहलाद गुंजल ने कहा कि राहुल गांधी ने कोटा आकर पूरे देश में छात्रों की आवाज को ताकत देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार और उसके मंत्रियों ने कहा कि उनके यहां इस्तीफे देने की परंपरा नहीं है, लेकिन मोदी को अंदाजा नहीं था कि देश का नौजवान जब व्यवस्था पर भरोसा रखकर अनुशासन में चलता है तो समुद्र की शीतलता धारण करता है और जब अकड़कर सड़क पर उतरता है तो ज्वालामुखी का विस्फोट बन जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया का इतिहास नौजवानों की शहादत से भरा पड़ा है।
राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे का उल्लेख करते हुए प्रहलाद गुंजल ने कहा कि जब राम मंदिर का ढांचा टूटा था तब पूरे देश में नारे लगाए गए थे कि "यह तो पहली झांकी है, मथुरा काशी बाकी है।" उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनने के लिए पूरे देश ने धन संग्रह किया, लेकिन प्रभु श्रीराम के घर पर डकैती होने के बाद क्या वह कोटा के नौजवानों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा सरकार से यह पूछ सकते हैं कि अयोध्या तो पहली झांकी है, मथुरा काशी बाकी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रभु श्रीराम के घर पर डाका डाला गया और क्या यह डाका पहली झांकी है, अभी मथुरा काशी बाकी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार धर्म की मर्यादाओं को तार-तार कर भ्रष्टाचार का तांडव किया जा रहा है, उसे देश किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकता।
प्रहलाद गुंजल के आह्वान पर उम्मेद क्लब से शुरू होने वाली रैली के लिए सुबह 10 बजे से ही छात्रों का पहुंचना शुरू हो गया था। छात्र पैदल, बसों, चार पहिया और दो पहिया वाहनों से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। एक घंटे के भीतर हजारों की संख्या में छात्र और कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों तथा सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां लेकर उम्मेद क्लब पर एकत्र हो गए। इसके बाद रैली उम्मेद क्लब से अग्रसेन चौराहा, स्वामी विवेकानंद चौराहा, नयापुरा मुख्य मार्ग और एमबीएस अस्पताल के सामने से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां सभा में परिवर्तित हो गई।
सभा को कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल, पीपल्दा विधायक चेतन पटेल, केशरायपाटन विधायक सीएल प्रेमी, हिंडोली विधायक अशोक चांदना, खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान, शहर अध्यक्ष राखी गौतम, देहात अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, बूंदी जिला अध्यक्ष महावीर मीणा, पूर्व अध्यक्ष रविंद्र त्यागी, अनूप ठाकुर और सरोज मीणा ने भी संबोधित किया। रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

