कोटा के छावनी में सौरभ कृष्ण महाराज की श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। सिर पर तुलसी का पौधा रखकर निकाली गई अनूठी तुलसी यात्रा ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कथावाचक ने भागवत को सत्य का स्वरूप बताते हुए इसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। जानिए इस भक्तिमय आयोजन और इसमें शामिल प्रमुख हस्तियों के बारे में पूरी जानकारी।

कोटा। धर्म और आस्था की नगरी कोटा के छावनी क्षेत्र में सोमवार को भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब 'जय श्री कृष्ण' के जयघोष और बैंड-बाजे की मधुर स्वर लहरियों के बीच भव्य तुलसी यात्रा निकाली गई। भाटी चौक स्थित कथा स्थल पर श्रीमद्भागवत कथा के मंगलारंभ के अवसर पर आयोजित इस यात्रा में श्रद्धा का विशेष रंग तब दिखा, जब महिलाएं पारंपरिक कलश के स्थान पर सिर पर तुलसी का पौधा धारण कर मंगल गान करती नजर आईं। सौरभ कृष्ण महाराज के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही कथा के प्रथम दिन ही संपूर्ण क्षेत्र कृष्णमय हो गया।

इस दिव्य आयोजन का शुभारंभ मंगलेश्वर महादेव व्यायामशाला से हुआ। आयोजकों द्वारा निशुल्क वितरित किए गए तुलसी के पौधों को लेकर श्रद्धालु महिलाएं तिलक स्कूल, खिलती कलियां, ललिता लोहानी, क्षमा कॉलोनी, लालबाई माताजी और रामकुमार गली जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरीं। यात्रा की भव्यता का आलम यह था कि सजे-धजे घोड़े और बग्घियां आकर्षण का केंद्र बने रहे, वहीं डीजे पर बजते भजनों ने भक्तों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। शोभायात्रा के समापन पर महिलाएं उन तुलसी के पौधों को अपने साथ घर ले गईं, जो पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक शुद्धि का संदेश दे रहे थे।

कथा के प्रथम सोपान पर व्यासपीठ से सौरभ कृष्ण महाराज ने भागवत महात्म्य का मर्म समझाते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत साक्षात भगवान का वांग्मय स्वरूप है। उन्होंने गहराई से स्पष्ट किया कि भागवत किसी व्यक्ति विशेष या विशिष्ट देवी-देवता की स्तुति तक सीमित नहीं है, अपितु यह विशुद्ध 'सत्य' की वंदना है। महाराज ने कहा कि संसार में सत्य से ऊपर कोई धर्म नहीं है और भागवत वह पंचम वेद है जो मनुष्य को माया के बंधनों से मुक्त कर परमात्मा से जोड़ता है। आचार्य शुकदेव महाराज के जीवन का दृष्टांत देते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार वैराग्य और ज्ञान के मार्ग पर चलकर उन्होंने लौकिक कर्मों से परे सत्य को आत्मसात किया।

आयोजक विजय सिंह ने जानकारी साझा की कि यह आध्यात्मिक अनुष्ठान प्रतिदिन दोपहर 12 से 4 बजे तक भाटी चौक छावनी में अनवरत जारी रहेगा। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें मोहन सिंह सिसोदिया, इंद्र सिंह हाड़ा, राजेंद्र सिंह हाड़ा, कांति कंवर, रामकला कंवर, बिशन कंवर, रानी कंवर, लाल सिंह, जगदीश सिंह, जोरावर सिंह, दीपक सिंह, बृजराज सिंह, निर्भय सिंह, सुमित सिंह, मनोज सिंह, शिवराज सिंह, विजय सिंह, जगदीश सिंह, देवेंद्र सिंह, रवि सिंह, रोहित सिंह और जय सिंह हाड़ा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर धर्म लाभ लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक चेतना जगा रहा है, बल्कि समाज में तुलसी के पूजन और संरक्षण के प्रति एक नई जागृति भी पैदा कर रहा है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau is the editorial team of Pratahkal News, dedicated to delivering accurate, timely, and unbiased news. Our Bureau focuses on verified reporting, in-depth analysis, and responsible journalism across politics, society, economy, and national affairs.

Next Story