कोटा में उमड़ेगी श्रद्धा की सरिता: अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त राघव ऋषि जी करेंगे श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान
कोटा के भीमेश्वर महादेव मंदिर में 7 से 14 जनवरी तक अंतरराष्ट्रीय वक्ता राघव ऋषि जी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। 108 कलशों की यात्रा, निःशुल्क ज्योतिष परामर्श और श्रीविद्या साधना के इस विशेष कार्यक्रम में सौरभ ऋषि के भजन और सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। सनातन धर्म के प्रचार और जनकल्याण हेतु आयोजित इस भक्तिमय महोत्सव की विस्तृत रिपोर्ट।

कोटा। शिक्षा की नगरी कोटा के गणेश नगर स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर में आगामी 7 जनवरी से भक्ति और आध्यात्म का एक महासंगम होने जा रहा है। श्रीराम कृष्ण कथा ज्योतिष समिति द्वारा आयोजित इस भव्य श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से काशी के सुप्रसिद्ध वक्ता, श्रीविद्या सिद्ध एवं ज्योतिष सम्राट पूज्य राघव ऋषि जी महाराज श्रद्धालुओं को कथा के अमृत रस से सराबोर करेंगे। विगत तीन दशकों से कोटा की पावन धरा पर सनातन संस्कृति की अलख जगा रहे ऋषि जी का यह आयोजन जनमानस को हिंदू संस्कृति के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महती प्रयास माना जा रहा है।
आयोजन का शुभारंभ 7 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे बंसल स्कूल के पीछे स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर से निकलने वाली भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ होगा। पीले वस्त्रों में सजे 108 महिला और पुरुष श्रद्धालु कलश धारण कर क्षेत्र का भ्रमण करेंगे, जिसके पश्चात कथा स्थल पर यात्रा का विश्राम होगा। प्रतिदिन अपरान्ह 1 बजे से सायं 5 बजे तक चलने वाली इस कथा के प्रथम दिन भागवत माहात्म्य पर प्रकाश डाला जाएगा। कथा के क्रम में 8 जनवरी को ध्रुव चरित्र और कपिलोपाख्यान, 9 जनवरी को जडभरत प्रसंग व प्रह्लाद चरित्र तथा 10 जनवरी को वामन अवतार, श्रीराम चरित्र और कृष्ण जन्म जैसे मनोहारी प्रसंगों का वाचन होगा। उत्सव के उल्लास को बढ़ाते हुए 11 जनवरी को नंदोत्सव, माखनचोरी व गोवर्धन पूजा का भावपूर्ण आयोजन होगा। इसके पश्चात 12 जनवरी को वेणुगीत व रुक्मिणी विवाह की रसमयी लीला तथा 13 जनवरी को सुदामा चरित्र का सारगर्भित वर्णन होगा। अंततः 14 जनवरी को उद्धव संवाद के साथ कथा को विराम दिया जाएगा, जिसके उपरांत विशाल भंडारे में महाप्रसाद का वितरण होगा।
श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन दोहरा सौभाग्य लेकर आया है। कथा व्यास के सुपुत्र सौरभ ऋषि अपनी सुमधुर आवाज में नित्य भजनों की प्रस्तुति देंगे, साथ ही कथा प्रसंगों के अनुरूप जीवंत झांकियों का मंचन भी किया जाएगा। विशेष रूप से, 9 जनवरी से ऋषि कुटिया में प्रातः 7:30 बजे से जनहितार्थ निःशुल्क ज्योतिषीय परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। ऋषि जी इस दौरान श्रीविद्या पद्धति के अनुसार राजराजेश्वरी महात्रिपुरसुंदरी महालक्ष्मी की साधना पर भी मार्गदर्शन देंगे, जिससे साधक अपनी आने वाली पीढ़ियों को भगवती की कृपा से जोड़ सकें। 9 जनवरी से ही सायं 6 बजे से भगवती के साधकों के लिए विशेष आराधना सत्र का भी आयोजन होगा।
इस भव्य आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए समिति के सदस्य बसंतलाल शर्मा, कुलदीप भट्ट, हरिकृष्ण त्रिवेदी, तेजपाल वर्मा, रमाकांत शर्मा, जगदीश शर्मा, विमलेश गौतम, धवल मिश्र, राजेंद्र गुप्ता, संजय दूबे, नितेश जैन, श्यामसुंदर शर्मा, सत्यनारायण खण्डेलवाल, देवकिशन चौरसिया, सुशील चौरसिया, भारतेश विजय, हेमराज जांगीड़, विनोद शर्मा, मोहनस्वरूप मिश्र और लेखराज राठौड़ अहर्निश जुटे हुए हैं। प्रचार सचिव रामेश्वर गुप्ता ने बताया कि श्योपुर में कथा संपन्न कर ऋषि जी सड़क मार्ग से कोटा पहुँच रहे हैं, जहाँ गणमान्य नागरिकों और मीडिया कर्मियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि कोटा के आध्यात्मिक आकाश में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का एक मील का पत्थर साबित होगा।

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