जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग और यूनिसेफ द्वारा बच्चों को शोषण से बचाने और जागरूक करने के लिए जिले में ग्राम स्तर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अभियान का आधिकारिक शुभारंभ और पोस्टर विमोचन

करौली - जिला प्रशासन, बाल अधिकारिता विभाग एवं एक्शनएड - यूनिसेफ द्वारा जिले में “बाल हिंसा मुक्त करौली अभियान” के पोस्टर का जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल द्वारा विधिवत विमोचन कर अभियान का शुभारंभ किया गया।

विमोचन कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि

एक्शनएड - यूनिसेफ जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा ने बताया कि बाल हिंसा मुक्त करौली अभियान के पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में निम्नलिखित लोग मौजूद रहें:

  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतराम मीणा
  • जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा एवं सदस्य फजले अहमद
  • माय भारत केंद्र जिला युवा अधिकारी शरद त्रिपाठी
  • मानव तस्करी विरोधी यूनिट के रवि शर्मा
  • चाइल्ड हेल्पलाइन टीम प्रभारी भीकम सिंह
  • एक्शनएड मानवाधिकार रक्षक जगदीश जाट
  • माय भारत केंद्र स्वयंसेवक नेहरू लाल बैरवा एवं ललेश बैरवा
  • एक्शनएड स्वयंसेवक गुनगुन कसेडिया

अभियान की कार्ययोजना और जन-जागरूकता

बाल हिंसा मुक्त करौली अभियान के अंतर्गत स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, महिला समूहों, बाल संरक्षण समितियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ समुदाय स्तर पर जिला स्तर से गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाकर लोगों को बाल हिंसा के खिलाफ प्रेरित किया जायेगा।

बाल हिंसा—जिसमें शारीरिक, मानसिक, लैंगिक शोषण, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं शामिल हैं—समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

प्रशासनिक अधिकारियों के संबोधन और प्रतिबद्धता

इस अभियान की शुरुआत में जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमाराम परिडवाल द्वारा अभियान के पोस्टर का विमोचन किया गया तथा बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

"बाल हिंसा—जिसमें शारीरिक, मानसिक, लैंगिक शोषण, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं शामिल हैं—समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इन समस्याओं के समाधान हेतु सामुदायिक जागरूकता, संवेदनशीलता एवं सशक्त हस्तक्षेप आवश्यक है।" - जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल
"इस अभियान के अंतर्गत जिलें में बच्चों को शौषण से बचाने एवं उनके अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया। जिसमें जिला प्रशासन की और से हर संभव सहयोग की बात कही।" - अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल

अभियान के मुख्य घटक और गतिविधियां

जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन एवं एक्शनएड - यूनिसेफ करौली द्वारा जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा के नेतृत्व में इस अभियान के अंतर्गत ये गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:

  • गांव-गांव और स्कूलों में जागरूकता बैठकें
  • बाल अधिकार कार्यशालाएं और किशोर-किशोरी समूह सत्र
  • अभिभावक संवाद
  • शिकायत एवं संरक्षण तंत्र की जानकारी

सदस्य फजले अहमद ने बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय कर बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

नागरिकों से आह्वान और सुरक्षित भविष्य का संकल्प

जिला युवा अधिकारी शरद त्रिपाठी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं एक्शनएड यूनिसेफ द्वारा इस अभियान में यह भी आह्वान किया गया कि प्रत्येक नागरिक, शिक्षक, अभिभावक एवं जनप्रतिनिधि बाल हिंसा की किसी भी घटना की सूचना संबंधित विभाग को दें और बच्चों के अधिकारों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं।

अंत में सभी उपस्थितजनों ने “बाल हिंसा मुक्त करौली” के संकल्प को दोहराते हुए जिले को बच्चों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करने का संकल्प लिया।

Pratahkal Newsroom

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