झालावाड़: ग्राम पंचायत ढाबला भोज में भ्रष्टाचार और नरेगा घोटाले का आरोप
ग्रामीणों ने कलेक्टर और सांसद से शिकायत के बाद भी जांच न होने पर उठाए सवाल, नरेगा और अमृत सरोवर कार्यों में धांधली का लगाया आरोप।

झालावाड़ पंचायत समिति पिड़ावा मुख्यालय सूनेल की ग्राम पंचायत ढाबला भोज में इन दिनों भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है। अभिषेक सिंह झाला की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए भेजी गई राशि को सरपंच और सचिव ने अपनी जेबें भरने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
लिखित शिकायत के छह साल बाद भी जांच शून्य
भ्रष्टाचार को लेकर ढाबला भोज के ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच और सचिव द्वारा करवाए गए कार्यों में भारी अनियमितताएं और अगुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य किए गए हैं। इन कार्यों की जांच के लिए ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और सांसद दुष्यंत सिंह को भी लिखित में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की थी। शिकायत के पश्चात भी अभी तक पिछले छः सालों में सम्पन्न हुए विकास कार्यों की किसी प्रकार की जांच नहीं हुई है। ग्रामीणों ने आगे बताया कि शिकायत पत्र सुनेल विकास अधिकारी को भी भिजवाया गया था, लेकिन विकास अधिकारी ने केवल चार सदस्यीय टीम का गठन कर अपनी जिम्मेदारी की इति श्री कर ली।
पिता-पुत्र का एक ही पंचायत में कार्यकाल और नरेगा घोटाला
ग्राम पंचायत में वर्तमान में ग्राम विकास अधिकारी जयैश जैन कार्यरत हैं, जबकि उनसे पूर्व इसी पद पर इनके पिता दिनेश जैन लंबे समय तक इसी पंचायत में रहे हैं, जो कि एक गहन जांच का विषय है। ग्रामीणों का आरोप है कि "नरेगा में सबसे ज्यादा घोटाला है, मार्डन तालाब व अमृत सरोवर तालाब विकसित करने के नाम पर भारी राशि का भुगतान हो रहा है जबकि धरातल पर कार्य नहीं है।" ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि आगामी अंकों में ग्राम पंचायत ढाबला भोज के एक-एक भ्रष्टाचार का खुलासा कर जनता व प्रशासन को अवगत करवाएंगे।

Pratahkal Bureau
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