झालावाड़ के झालरापाटन में एटीएम गार्ड बनकर 75 वर्षीय बुजुर्ग से 55 हजार की साइबर ठगी करने वाले शातिर अपराधी रामसिंह माहोर को पुलिस ने कोटा से गिरफ्तार कर लिया है। एसपी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी और तकनीकी विश्लेषण की मदद से इस वारदात का पर्दाफाश किया। जानिए कैसे हुई यह ठगी और पुलिस ने कैसे दबोचा आरोपी को।

झालरापाटन (झालावाड़)। राजस्थान के झालावाड़ जिले में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे मदद के बहाने बुजुर्गों को अपना निशाना बना रहे हैं। झालरापाटन पुलिस ने एक ऐसी ही सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को एटीएम गार्ड बताकर एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की जमापूंजी पर हाथ साफ कर दिया था। जिला पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी रामसिंह माहोर को कोटा के बोरखेड़ा इलाके से दबोचने में सफलता प्राप्त की है।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का सूत्रपात 29 दिसंबर 2025 को हुआ, जब देवनगर (गडारी) निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग कालूलाल पुत्र रामलाल धाकड़ अपनी जरूरतों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की झालरापाटन शाखा पहुंचे थे। बैंक से 25 हजार रुपये निकालने के बाद जब वे अतिरिक्त राशि के लिए बाहर स्थित एटीएम पर गए, तो वहां घात लगाए बैठे ठग ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने खुद को एटीएम का आधिकारिक सुरक्षा गार्ड बताया और कालूलाल की मदद करने का ढोंग रचा। भरोसे में आकर बुजुर्ग ने उसे अपना कार्ड और पिन साझा कर दिया। शातिर आरोपी ने एटीएम से 25 हजार रुपये निकाले लेकिन बुजुर्ग को केवल 20 हजार थमाए। यहीं नहीं, आरोपी ने बुजुर्ग के साधारण कीपैड मोबाइल पर आए ओटीपी का चालाकी से इस्तेमाल कर उनके खाते पर मोबाइल बैंकिंग सक्रिय कर ली और देखते ही देखते 50 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।

ठगी का यह खेल तब उजागर हुआ जब परिवादी कालूलाल ने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाया और पाया कि उनके खाते से कुल 55 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तत्काल विशेष टीमों का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भागचन्द मीणा और पुलिस उप अधीक्षक श्री हर्षराज सिंह खरेड़ा के सुपरविजन में झालरापाटन थानाधिकारी श्रीमती अल्का के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सटीक मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी रामसिंह माहोर पुत्र कन्हैयालाल, निवासी इटावा (कोटा) को बोरखेड़ा से गिरफ्तार कर लिया।

इस सफल ऑपरेशन में थानाधिकारी श्रीमती अल्का, हैड कांस्टेबल प्रीतम सिंह, कांस्टेबल बाबूलाल स्वामी, आसूचना अधिकारी करण सिंह और बोरखेड़ा थाने के सहायक उपनिरीक्षक श्री शिवराज सिंह की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी से हड़पी गई राशि की बरामदगी के प्रयास कर रही है। पुलिस प्रशासन ने इस घटना के माध्यम से आमजन से अपील की है कि एटीएम पर किसी भी अनजान व्यक्ति की सहायता न लें और अपना गोपनीय पिन या ओटीपी कभी साझा न करें। यह गिरफ्तारी साइबर ठगों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून की पहुंच से बचना नामुमकिन है।

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