झालावाड़ पुलिस ने खंडिया कॉलोनी स्थित 'द ओशिश स्पॉ मसाज सेंटर' पर छापेमारी कर अवैध वसूली और अनैतिक गतिविधियों में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में दिल्ली की मेघा मुखर्जी और दौसा के लोकेश बैरवा को गिरफ्तार किया गया। वेश्यावृत्ति का झांसा देकर ग्राहकों से चौथ वसूली करने वाले इस गिरोह के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने बोगस ग्राहक भेजकर इस बड़ी सफलता को हासिल किया।

झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ शहर में मसाज और सुकून के नाम पर चल रहे एक काले कारोबार का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शहर के पॉश इलाके खंडिया कॉलोनी स्थित 'द ओशिश स्पॉ मसाज सेंटर' में वेश्यावृत्ति का झांसा देकर लोगों को जाल में फंसाने और फिर उनसे अवैध चौथ वसूली करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक महिला समेत दो मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में हुई इस त्वरित कार्रवाई ने शहर में अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले तत्वों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा तब लिखी गई जब पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि 'द ओशिश स्पॉ मसाज सेंटर' पर मसाज के बहाने आने वाले ग्राहकों को पहले प्रलोभन दिया जाता है और फिर उन्हें डरा-धमकाकर मोटी रकम वसूली जाती है। अपराध नियंत्रण और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध जारी अभियान के तहत जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थानाधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा और वृत्ताधिकारी हर्षराज सिंह के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी कोतवाली मुकेश कुमार मीणा (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

पुलिस ने गिरोह को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक बेहद सटीक और फिल्मी अंदाज में जाल बिछाया। तस्दीक के लिए एक बोगस ग्राहक तैयार कर स्पॉ सेंटर भेजा गया। जैसे ही वहां अवैध गतिविधियों और वसूली की पुष्टि हुई, बाहर तैनात पुलिस टीम ने तुरंत छापेमारी कर दी। इस योजनाबद्ध दबिश में पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी महिला मेघा मुखर्जी, जो कि दिल्ली के अशोक विहार की निवासी है, और उसके साथी लोकेश कुमार बैरवा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ग्राहकों को अनैतिक कार्यों का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाती थी और फिर अवैध वसूली का खेल शुरू होता था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेघा मुखर्जी पुत्री सुबोध मुखर्जी (उम्र 30 वर्ष), निवासी मकान नंबर 118/105 अशोक विहार, दिल्ली, और लोकेश कुमार बैरवा पुत्र रामलाल (उम्र 36 वर्ष), निवासी अगावली थाना बसवा, जिला दौसा के रूप में हुई है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली कोतवाली पुलिस टीम में थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा के साथ हेड कांस्टेबल भगवान सिंह, हेड कांस्टेबल सुशीला, महिला कांस्टेबल शीतल, कांस्टेबल जगदीश और कांस्टेबल जरनेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा शिकार बनाए गए अन्य लोगों के बारे में गहन अनुसंधान कर रही है। यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्पा सेंटरों की आड़ में फल-फूल रहे अवैध धंधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है।

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