राजस्थान: तारबंदी योजना के नियमों में ढील, किसानों को अब कम लागत पर मिलेगा अनुदान
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में बताया कि पोल की दूरी बढ़ाने और तारों की संख्या कम करने से किसानों की खेती की लागत में कमी आएगी।

जयपुर, 23 फरवरी। कृषि मंत्री श्री किरोड़ी लाल मीणा ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि तारबंदी योजना के तहत किसानों की लागत कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियमों में समय-समय पर शिथिलता दी गयी है।
नियमों में दी गई प्रमुख छूट
कृषि मंत्री के अनुसार लागत घटाने के लिए निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:
- "पहले हर 10 फीट पर पोल गाड़ने का नियम था, जिसे बढ़ाकर 15 फीट किया गया है।"
- "इसी प्रकार 6 तारों और 2 क्रॉस वायरों के स्थान पर 5 वायर मान्य किये गए हैं।"
- "पहले हर दसवें पोल पर सपोर्ट पोल लगाने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर पंद्रह कर दिया गया है।"
- "इसके अलावा पोल पर फाउन्डेशन की अनिवार्यता पर छूट दी गई है तथा चेन लिंक जाली के स्थान पर नोटेड जाली लगवाने पर भी अनुदान दिया जा रहा है।"
खंडेला विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े और आवेदन स्थिति
कृषि मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री सुभाष मील द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने खंडेला क्षेत्र का विवरण प्रस्तुत किया:
- वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक कुल 4482 कृषकों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किये गए।
- कार्य पूर्ण करने वाले 540 कृषकों को 150.18 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध करवाया गया है।
- 1190 कृषकों की पत्रावलियां प्रक्रियाधीन है।
- निर्धारित मापदण्ड पूरे नहीं करने के कारण शेष किसानों को पात्र नहीं माना गया है।
अपात्रता के मुख्य कारण
मंत्री ने बताया कि आवेदकों को अनुदान न मिलने के निम्नलिखित कारण रहे हैं:
- आवेदक किसानों द्वारा मौके पर बताए गए खसरा क्षेत्रफल के कम होने।
- खसरा नम्बरों के एक परिधि में नहीं होने।
- प्री-वेरिफिकेशन से पहले ही तारबंदी पाये जाने।
- समूह में आवंटन पर किसी कृषक का सहमत नहीं होने।
- आवेदक कृषक की मृत्यु होने।
- कृषकों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने।
- खेत में फसल होने के कारण इस वित्तीय वर्ष में तारबंदी संभव नहीं हो पाने।
अनुदान का वर्तमान स्वरूप और श्रेणियां
प्रदेश में किसानों की फसलों को नीलगाय, जंगली जानवरों एवं निराश्रित पशुओं से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए तारबंदी कार्यक्रम संचालित है। इसमें 400 रनिंग मीटर तक अनुदान का प्रावधान इस प्रकार है:
| लघु व सीमान्त कृषक | इकाई लागत का 60% या अधिकतम 48 हजार रुपये |
| सामान्य कृषक | इकाई लागत का 50% या अधिकतम 40 हजार रुपये |
| सामुदायिक स्तर पर | इकाई लागत का 70% या अधिकतम 56 हजार रुपये |
| वनाधिकार पट्टा धारक | इकाई लागत का 90% या अधिकतम 72 हजार रुपये |
"कृषक द्वारा 400 रनिंग मीटर से कम परिधि में तारबंदी स्थापित करने पर प्रोरेटा बेसिस पर अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।"
भविष्य की योजना और चयन प्रक्रिया
"राज्य सरकार द्वारा वित्तीय अनुकूलता के आधार पर तारबंदी की अनुदान राशि को बढ़ाने पर विचार किया जा सकेगा।"
तारबंदी योजना में आवेदनों का निस्तारण प्राप्त लक्ष्यों के अनुरूप ‘’पहले आओ पहले पाओ’’ के आधार पर किया जाता है। कृषकों द्वारा आवेदन किये जाने के उपरांत प्रत्येक स्तर (दस्तावेज सत्यापन, प्री वेरिफेशन, प्रशासनिक स्वीकृति एवं भौतिक सत्यापन) पर लंबित रही पत्रावलियां आगामी वर्षों में उसी स्तर पर सम्मिलित होती हैं तथा दिशा-निर्देशानुसार पात्रता पूर्ण करने वाले कृषकों की पत्रावलियां जिले की वरियता के आधार पर निस्तारित की जाती हैं। उन्होंने खंडेला में वर्ष 2017-18 से 2025-26 (10.02.2026) तक का विवरण सदन के पटल पर रखा।

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