Venezuela में अमेरिका का 'सर्जिकल स्ट्राइक'? राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को उठा ले गई US आर्मी!
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला में अमेरिकी हवाई हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सहित हिरासत में लेने का सनसनीखेज दावा किया है। काराकस के सैन्य ठिकानों पर हुए इस हमले ने वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है, हालांकि मादुरो की गिरफ्तारी की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। क्यूबा और कोलंबिया ने इसकी निंदा की है। पढ़िए इस बड़ी खबर का पूरा विवरण।

शनिवार की सुबह अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति में एक ऐसे भूचाल के साथ हुई, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि अमेरिकी सैन्य बलों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस गोपनीय और अत्यधिक जोखिम भरे ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल करना था। ट्रम्प के दावे के अनुसार, अमेरिकी सेना ने न केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, बल्कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को कथित तौर पर हिरासत में लेकर वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिसे एक 'एक्सट्रैक्शन ऑपरेशन' के रूप में देखा जा रहा है।
घटनाक्रम के विवरण के मुताबिक, काराकस का आसमान अमेरिकी हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला मुख्य रूप से 'फ्यूर्ते टियुना' (Fuerte Tiuna) सैन्य बेस के पास केंद्रित था, जो वेनेजुएला की सैन्य शक्ति का केंद्र माना जाता है। इसके अतिरिक्त, यह भी आशंका जताई जा रही है कि पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के समाधि स्थल के आसपास भी हमले किए गए, जो मादुरो समर्थकों के लिए एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक स्थान है। यह सैन्य कार्रवाई अमेरिका और वेनेजुएला के बीच वर्षों से चले आ रहे तनाव का ही एक विस्फोटक परिणाम प्रतीत होती है, जिसकी जड़ें कड़े आर्थिक प्रतिबंधों, विवादित चुनावों और प्रवासी गिरोहों से जुड़ी समस्याओं में गहरी धंसी हुई हैं।
इस हमले पर वेनेजुएला सरकार की ओर से तीखी और तत्काल प्रतिक्रिया आई है। मादुरो प्रशासन ने इस कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर का सीधा और घोर उल्लंघन करार दिया है। उनका आरोप है कि अमेरिका का असली मकसद लोकतंत्र की स्थापना नहीं, बल्कि वेनेजुएला के विशाल तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा करना है। इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक निंदा शुरू हो गई है। कोलंबिया और क्यूबा जैसे पड़ोसी और सहयोगी देशों ने अमेरिकी हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला बताया है। राजनयिक गलियारों में इस घटना को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है।
फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील और अनिश्चित बनी हुई है। यद्यपि राष्ट्रपति ट्रम्प ने मादुरो की गिरफ्तारी और निष्कर्षण की बात कही है, लेकिन अभी तक किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या निष्पक्ष स्रोत से मादुरो के पकड़े जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पूरी दुनिया की निगाहें अब फ्लोरिडा स्थित 'मार-आ-लागो' (Mar-a-Lago) पर टिकी हैं, जहां राष्ट्रपति ट्रम्प सुबह 11 बजे (ईटी) एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस संबोधन में वे ऑपरेशन की बारीकियों और मादुरो की स्थिति के बारे में दुनिया के सामने सबूत पेश कर सकते हैं। यह घटना न केवल अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों के लिए, बल्कि वैश्विक कूटनीति के लिए भी एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
