अमेरिका ने वेनेज़ुएला के ड्रग कार्टेल “Cartel de los Soles” के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और Cilia Flores हिरासत में लिए गए। Operation Southern Spear के तहत सैन्य और कूटनीतिक कदमों से ड्रग नेटवर्क को बाधित किया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता पर असर पड़ा।

वेनेज़ुएला के खिलाफ संयुक्त राज्य अमेरिका की ड्रग कार्टेल विरोधी रणनीति ने 2025‑26 में एक नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी प्रशासन ने कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क, विशेषकर “Cartel de los Soles” तथा अन्य नार्को‑सिंधी समूहों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया, जिसे हाल के सैन्य और कूटनीतिक कदमों से और भी प्रभावी बनाया गया है। इस अभियान को अमेरिका ने अपने राष्ट्र सुरक्षा हितों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए आवश्यक बताया है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय राजनीति की जटिलताओं को भी उजागर करता है।

अमेरिका ने Cartel de los Soles को एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) के रूप में सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनके सहयोगियों ने इस नेटवर्क को संचालित करते हुए अमेरिका और यूरोप तक नशीले पदार्थों की तस्करी को सक्षम बनाया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह समूह पश्चिमी गोलार्ध में “आतंकवादी हिंसा” और ड्रग तस्करी के लिए जिम्मेदार है।


अमेरिका की इस नीति के तहत सितंबर 2025 से ही कैरिबियन सागर और पूर्वी प्रशांत में ड्रग तस्करी के आरोपित मापी नौकाओं और नेटवर्क पर हमले शुरू हुए। यह अभियान “Operation Southern Spear” के नाम से जाना जाता है — जिसका उद्देश्य “अवैध समुद्री नेटवर्कों का पता लगाना, उन्हें विघटित करना और उनकी क्षमता को कम करना” बताया गया है। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणी कमांड (Southern Command) और नौसेना, वायुसेना तथा अन्य एजेंसियों का समन्वित प्रयास शामिल रहा, जिसमें अनुमानित रूप से 15,000 सैनिक तैनात किए गए।

ड्रग कार्टेल के खिलाफ अमेरिकी मिशन में दिसंबर 2025 के अंत में एक उल्लेखनीय कदम उठाया गया, जब अमेरिकी संचालन ने वेनेज़ुएला के एक डॉक में ड्रोन हमला किया। इस हमले को अमेरिकी अधिकारी एक ड्रग तस्करी स्थल के रूप में मानते हैं, जहां कथित रूप से नशीले पदार्थों के बोट लोड किए जाते थे। हालांकि वेनेज़ुएला की ओर से इस हमले को स्वीकार नहीं किया गया, फिर भी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को ड्रग नेटवर्क को बाधित करने के प्रयास के रूप में वर्णित किया।


अमेरिका की यह नीति वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी Cilia Flores के खिलाफ दायर अभियोगों के साथ भी जुड़ी हुई है। अमेरिकी न्याय विभाग की ताज़ा में जारी दोषारोपण में मादुरो को “नार्को‑आतंकवादी साजिश”, कोकेन आयात साजिश और हिंसक उपकरणों के कब्जे जैसे आरोपों का सामना करना पड़ा है। आरोपों के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी राजनैतिक शक्ति का उपयोग करते हुए ड्रग तस्करी को बढ़ावा देते रहे।


इन अभियानों के परिणामस्वरूप 2026 की शुरुआत में अमेरिका ने एक विशेष सैन्य ऑपरेशन भी किया, जिसमें निकोलस मादुरो और Cilia Flores को संयुक्त राज्य अमेरिका की हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई से वेनेज़ुएला की राजनीतिक परिस्थितियाँ और अधिक अस्थिर हो गई हैं, और इसके कानूनी पक्ष पर संयुक्त राष्ट्र में भी बहस प्रारंभ हो गई है कि क्या यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है या नहीं।


वेनेज़ुएला सरकार और उसके समर्थकों ने इन अमेरिकी कदमों की कड़ी निंदा की है और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय निकायों में यह बहस जारी है कि ड्रग कार्टेल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई के लिए कौन‑सी सीमाएं और नियम लागू होने चाहिएं। अमेरिका ने हालांकि स्पष्ट किया है कि उसका मिशन यह नहीं है कि वह वेनेज़ुएला को नियंत्रित करे, बल्कि उसका लक्ष्य ड्रग तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्कों को विघटित करना है।


इस व्यापक अभियान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ड्रग कार्टेल की समस्या केवल एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मुद्दा नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक कानून व्यवस्था का भी एक बड़ा विषय बन गया है। अमेरिका के इस मिशन का असर न केवल वेनेज़ुएला पर देखा जा रहा है, बल्कि यह लैटिन अमेरिका और पूरे पश्चिमी गोलार्ध की सुरक्षा नीति को भी प्रभावित कर रहा है।

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