जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चिनाब नदी पर 260 मेगावाट की दुलहस्ती जलविद्युत परियोजना को मंजूरी मिल गई। यह ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ परियोजना सिंधु जल संधि निलंबन के बाद भारत की रणनीतिक पहल है, जो ऊर्जा उत्पादन बढ़ाएगी और पाकिस्तान के सामने भारत का मजबूत रुख दर्शाएगी।

dulhasti jalvidyut pariyojana : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर दुलहस्ती जलविद्युत परियोजना के द्वितीय चरण को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 260 मेगावाट की क्षमता वाली ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ तकनीक पर आधारित होगी, जिसमें नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बिना बड़े बांध बनाए ऊर्जा उत्पादन किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत लगभग 3,200 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इस मंजूरी का ऐतिहासिक संदर्भ 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है। उसके बाद भारत ने आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया। इसके साथ ही भारत ने सिंधु जल संधि को प्रभावी रूप से निलंबित कर दिया था, जिससे पाकिस्तान को साझा जल स्रोतों के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत से अनुरोध करना पड़ा।

जलविद्युत परियोजनाओं के लिए गठित विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (EAC) की 45वीं बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति दी गई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि परियोजना के मानक 1960 की सिंधु जल संधि के अनुरूप बनाए गए थे, जबकि संधि अब 23 अप्रैल 2025 से निलंबित है। दुलहस्ती चरण-दो परियोजना मौजूदा 390 मेगावाट की दुलहस्ती चरण-एक परियोजना का विस्तार है, जो 2007 से नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHPC) द्वारा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

सिंधु बेसिन में संधि निलंबन के बाद भारत ने कई जलविद्युत परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया है, जिनमें सावलकोट, रातले, बरसर, पाकल दुल, क्वार, किरू और कीर्थई चरण-एक और चरण-दो शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि दुलहस्ती चरण-दो परियोजना और अन्य सिंधु बेसिन प्रोजेक्ट्स न केवल जलविद्युत उत्पादन में वृद्धि करेंगे, बल्कि पाकिस्तान के लिए भारत के रुख को स्पष्ट संदेश भी देंगे। यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों में अहम भूमिका निभाएगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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