रक्षा मंत्रालय ने सेना के तीनों अंगों के लिए 79 हजार करोड़ रुपये के आधुनिक हथियारों, मिसाइलों, रॉकेट और ड्रोन की खरीद को मंजूरी दी। थलसेना, वायुसेना और नौसेना की ताकत बढ़ाने वाले इस सौदे से भारत की रक्षा क्षमता और समुद्री सुरक्षा में मजबूती आएगी।

India defense weapons purchase 2025 : रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के तीनों अंगों थलसेना, वायुसेना और नौसेना के लिए 79 हजार करोड़ रुपये के मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन्स और अन्य आधुनिक हथियारों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला रक्षा अधिग्रहण परिषद की सोमवार को हुई बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में सीडीएस जनरल अनिल चौहान और सेना के प्रमुखों के साथ रक्षा सचिव भी मौजूद रहे।

थलसेना के लिए लोएटरिंग म्युनिशन और पिनाका मल्टी रॉकेट लॉन्चर के लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही दुश्मन के छोटे ड्रोन को ट्रैक करने और मार गिराने के लिए स्वदेशी इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन और इंटरडिक्शन सिस्टम (IDDS MARK-2) की खरीद भी शामिल है। इस प्रणाली से टेक्टिकल बैटल एरिया और हिंटरलैंड में ड्रोन खतरों से निपटा जा सकेगा।

वायुसेना के लिए अस्त्रा मार्क-2 मिसाइल और स्पाइस-1000 लॉन्ग रेंज बम की खरीद को हरी झंडी मिली है। सुखोई और LCA तेजस विमान अब अस्त्रा मिसाइल से लैस होंगे, जबकि मिराज लड़ाकू विमानों के लिए स्पाइस-1000 बम की सुविधा भी शामिल की गई है। इसके अलावा, LCA तेजस पायलट्स के प्रशिक्षण के लिए फुल मिशन सिम्युलेटर और ऑटोमैटिक टेक-ऑफ लैंडिंग रिकॉर्डिंग सिस्टम की खरीद भी मंजूर की गई।

नौसेना के लिए हाई ऑल्टिट्यूड लॉन्ग रेंज रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (HEL RPAS) को लीज पर लेने की अनुमति दी गई है। ये ड्रोन हिंद महासागर में इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉन्सेंस कार्यों में उपयोग किए जाएंगे। साथ ही नौसेना के लिए बोलार्ड-पुल टग बोट और हाई फ्रीक्वेंसी रेडियो मैनपैक को भी मंजूरी मिली है।

इस निर्णय से भारतीय सेना की तैयारियों और आधुनिक युद्ध क्षमताओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल रक्षा मजबूती को बढ़ाएगा बल्कि क्षेत्रीय संतुलन और समुद्री सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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