अबू धाबी जा रहे श्रद्धालु ध्यान दें; 9 मार्च तक BAPS मंदिर में प्रवेश वर्जित
मिडिल ईस्ट में ईरानी मिसाइल हमलों के कारण अबू धाबी का BAPS मंदिर 9 मार्च तक बंद। हमलों में एक भारतीय घायल। खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट।

Iran vs US Gulf conflict 2026 : खाड़ी देशों में युद्ध के काले बादल गहराते जा रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और लगातार हो रहे मिसाइल हमलों ने अब सामान्य जनजीवन के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इसी क्रम में, अबू धाबी स्थित भव्य BAPS हिंदू मंदिर को सोमवार से आगामी 9 मार्च तक के लिए दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मौजूदा अस्थिर स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। हालांकि, मंदिर के भीतर स्वामी और पुजारी वैश्विक शांति और जन-कल्याण के लिए निरंतर प्रार्थना जारी रखेंगे।
ईरानी हमलों की मार और क्षेत्रीय अस्थिरता :
क्षेत्र में तनाव की शुरुआत ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने से हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई की मृत्यु के बाद उपजे असंतोष ने ईरान को आक्रामक रुख अपनाने पर मजबूर किया है, जिसके परिणामस्वरूप अबू धाबी और दुबई जैसे वैश्विक केंद्रों के हवाई अड्डों पर भी हमले हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई खाड़ी देशों ने अपना एयरस्पेस (वायु क्षेत्र) बंद कर दिया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने एक चौंकाने वाले आंकड़े में बताया कि अब तक उनकी सेना ने ईरान की ओर से दागी गई 165 बैलिस्टिक मिसाइलों, दो क्रूज मिसाइलों और 541 ड्रोनों के हमलों का सफलतापूर्वक सामना किया है।
भारतीयों पर असर और राजनयिक हलचल :
इस संघर्ष की आंच अब भारतीय नागरिकों तक भी पहुँच गई है। यूएई प्रशासन के अनुसार, हालिया हमलों में घायल हुए 58 लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार (1 मार्च 2026) को पुष्टि की है कि वे घायल भारतीय नागरिक के स्वास्थ्य को लेकर अस्पताल अधिकारियों के निरंतर संपर्क में हैं। सऊदी अरब और यूएई सहित कई अरब देशों ने ईरान की इस सैन्य कार्रवाई को क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे युद्ध के और अधिक फैलने की आशंका प्रबल हो गई है।
"In view of the current situation and in alignment with national security advisories, the BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi will remain closed to visitors until Monday, 9th March, as a precautionary measure...During this period, the Swamis will continue offering prayers within the… pic.twitter.com/gGSYLWoJWh
— ANI (@ANI) March 2, 2026
आस्था और सुरक्षा का संगम :
अबू धाबी का यह BAPS मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत और यूएई के बीच प्रगाढ़ होते सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। 27 एकड़ में फैले इस मंदिर की नींव 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान रखी गई थी, जिसका भव्य उद्घाटन उन्होंने स्वयं 14 फरवरी, 2024 को किया था। दो साल पहले जिस शांति और सद्भाव के प्रतीक के रूप में इसे खोला गया था, आज वही स्थान युद्ध की विभीषिका के कारण अस्थायी रूप से मौन है।
मध्य-पूर्व में जारी यह मिसाइल युद्ध न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि मानवीय और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। मंदिर का बंद होना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिन इस क्षेत्र के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
