सोलापूर रेल मंडल की बड़ी उपलब्धि: पाकणी साइडिंग से पेट्रोलियम परिवहन ने रचा नया इतिहास, कमाया ₹34.71 करोड़ का राजस्व
सोलापूर रेल मंडल ने साल 2025 में आईओसीएल पाकणी साइडिंग से 243 पेट्रोलियम रैक का परिवहन कर ₹34.71 करोड़ का शानदार राजस्व अर्जित किया है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना को जोड़ने वाली इस नई लॉजिस्टिक्स सेवा ने भारतीय रेलवे और IOCL के बीच समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिली है।

सोलापूर। भारतीय रेलवे और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के बीच बढ़ते तालमेल ने महाराष्ट्र के सोलापूर जिले में विकास की एक नई इबारत लिख दी है। मध्य रेल के सोलापूर रेल मंडल ने वर्ष 2025 के दौरान पाकणी साइडिंग से पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त करते हुए रेल माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महज एक वर्ष के भीतर इस साइडिंग से 243 रैक पेट्रोलियम उत्पादों की सुरक्षित और त्वरित आवाजाही सुनिश्चित की गई, जिससे रेलवे के खजाने में ₹34.71 करोड़ का भारी-भरकम राजस्व जमा हुआ है। यह उपलब्धि न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स परिदृश्य में एक क्रांतिकारी बदलाव का संकेत भी दे रही है।
इस सफलता की नींव 28 जनवरी 2025 को रखी गई थी, जब पाकणी साइडिंग में पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट्स (POL) उत्पादों के लदान की पहली प्रक्रिया शुरू हुई। यह क्षण भारतीय रेलवे और आईओसीएल के साझा इतिहास में एक मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया। तब से लेकर दिसंबर 2025 तक, सोलापूर रेल मंडल ने परिचालन में निरंतरता बनाए रखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों की सुचारू आपूर्ति श्रृंखला को कायम रखा। यहाँ से भेजे जाने वाले उत्पादों में हाई स्पीड डीजल, मोटर स्पिरिट, सुपीरियर केरोसिन तेल के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल इथेनॉल और बायोडीजल जैसे वैकल्पिक ईंधन भी शामिल हैं। रेल मार्ग के माध्यम से किया जाने वाला यह परिवहन न केवल सड़क मार्ग की तुलना में अधिक सुरक्षित है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।
पाकणी साइडिंग की इस रणनीतिक बढ़त के पीछे कोयाली से पाकणी तक फैली 747 किलोमीटर लंबी समर्पित पाइपलाइन का विशेष योगदान है। वडोदरा स्थित कोयाली रिफाइनरी से सीधे पाकणी डिपो तक पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति होती है, जहाँ से सोलापूर रेल मंडल इन्हें विभिन्न राज्यों के प्रमुख केंद्रों तक पहुँचाता है। इन गंतव्यों में महाराष्ट्र का मिरज, कर्नाटक के कलबुरगी जिले का हिरेनंदुरू एवं हुबली, और तेलंगाना का सिकंदराबाद शामिल हैं। यह व्यापक नेटवर्क दर्शाता है कि सोलापूर अब अंतर्राज्यीय कनेक्टिविटी का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो वर्ष 1996 में अधिसूचित होने के बाद पाकणी साइडिंग से केवल सीमित मात्रा में ही माल की आवाजाही होती थी। लेकिन वर्ष 2025 में बाहरी माल ढुलाई और रैक लोडिंग की सुविधा शुरू होने से इसकी सूरत पूरी तरह बदल गई है। वर्तमान में यह महाराष्ट्र की पहली आईओसीएल रैक-लोडिंग सुविधा और देश भर में रिफाइनरियों सहित 18वां ऐसा महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। सोलापूर रेल मंडल की यह प्रभावी कार्यप्रणाली देश के आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ भविष्य में राजस्व वृद्धि के नए द्वार खोलने के लिए भी प्रतिबद्ध दिखाई देती है।

Pratahkal Bureau
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