सोलापुर मंडल का धमाकेदार प्रदर्शन: माल लदान में 86% उछाल, ₹200 करोड़ से पार कमाई
मध्य रेल के सोलापुर मंडल ने सितंबर 2025 में माल लदान के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। इस अवधि में मंडल ने 86.21% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए ₹35.99 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो उसके कुशल संचालन और उद्योगों से मजबूत साझेदारी का प्रमाण है।

मध्य रेल के सोलापुर मंडल ने सितंबर 2025 के दौरान माल लदान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 86.21% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। यह उपलब्धि न केवल मंडल की परिचालन दक्षता का प्रमाण है, बल्कि उसके ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और सतत विकास के प्रति समर्पण को भी उजागर करती है। इस अवधि में मंडल ने माल लदान और राजस्व दोनों में सशक्त प्रदर्शन किया, जिससे रेल माल परिवहन के क्षेत्र में उसका योगदान और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
सोलापुर मंडल, मध्य रेल के प्रमुख माल परिचालन केंद्रों में से एक है, जो अपने क्षेत्राधिकार में स्थित विभिन्न माल शेड, साइडिंग और टर्मिनलों के माध्यम से विविध वस्तुओं की ढुलाई सुनिश्चित करता है। मंडल से अरग, बाले, भिगवन, धाराशिव, कुर्डुवाडी, लातूर, पंढरपुर, सोलापुर, ताज सुल्तानपुर, तिलाती और वाडी जैसे स्थानों से मालगाड़ियाँ संचालित होती हैं। इसके अतिरिक्त, एसीसी सीमेंट/वाडी, अल्ट्राटेक सीमेंट/होटगी, चेट्टीनाड सीमेंट/तिलाती, जुआरी सीमेंट/तिलाती, एनटीपीसी/होटगी तथा आईओसीएल के हिरेनंदुरु और पाकणी स्टेशन जैसी साइडिंगें भी इस नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हिरेनंदुरु में स्थित बीपीसीएल गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) इस क्षेत्र में पेट्रोलियम परिवहन का एक अहम केंद्र बन चुका है।
सितंबर 2025 के दौरान मंडल ने कुल 5.4 लाख मीट्रिक टन माल का लदान किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह मात्रा 2.9 लाख मीट्रिक टन थी। इस प्रकार, लदान में 86.21% की वृद्धि दर्ज की गई। राजस्व के मोर्चे पर भी सोलापुर मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जहाँ माल ढुलाई से होने वाली आय ₹35.99 करोड़ तक पहुँच गई — जो पिछले वर्ष की तुलना में 70.89% अधिक है। यह वृद्धि मंडल के कुशल परिचालन, नवाचार-आधारित कार्यप्रणाली और उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय का परिणाम है।
वस्तु-वार प्रदर्शन में भी सोलापुर मंडल ने कई उल्लेखनीय मील के पत्थर स्थापित किए। सीमेंट श्रेणी में 96 रेकों के माध्यम से 2.84 लाख मीट्रिक टन लदान किया गया, जिससे आय ₹16.81 करोड़ रही — जो पिछले वर्ष की तुलना में 42% अधिक है। क्लिंकर परिवहन में 30 रेकों के माध्यम से 1.19 लाख मीट्रिक टन लदान हुआ, जिससे आय और भार दोनों में 100% की वृद्धि दर्ज हुई। इसी प्रकार, पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट (POL) श्रेणी में नए यातायात के जुड़ने से 31 रेकों के माध्यम से ₹4.28 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। गुड़ और गिट्टी के परिवहन में भी क्रमशः 50% और 19% से अधिक की आय वृद्धि दर्ज की गई। ये आँकड़े सोलापुर मंडल की सतत प्रगति और स्थानीय उद्योगों के साथ बढ़ते विश्वास को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करते हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही — अप्रैल से सितंबर 2025 — में मंडल का प्रदर्शन और भी सशक्त रहा। इस अवधि में कुल 2.91 मिलियन टन माल का लदान किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (2.51 मिलियन टन) की तुलना में 15.94% की वृद्धि को दर्शाता है। इस दौरान मंडल ने ₹200.55 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जबकि रेक हैंडलिंग दक्षता में भी उल्लेखनीय 13.23% वृद्धि दर्ज की गई। कुल 1,010 रेकों का संचालन पिछले वर्ष के 892 रेकों की तुलना में बेहतर प्रबंधन और संसाधन उपयोग का उदाहरण है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक सीनियर डीसीएम योगेश पाटिल ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए सोलापुर, कलबुरगि, लातूर, धाराशिव, सांगली और पुणे जिलों के उद्योगों, कारखानों तथा व्यापारियों से अपील की कि वे रेलवे की आधुनिक माल परिवहन सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएँ। उन्होंने कहा कि सोलापुर मंडल स्थानीय उद्योगों — विशेष रूप से चीनी मिलों और कृषि उत्पादकों — को देश के विभिन्न हिस्सों में अपने व्यापार का विस्तार करने में हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मध्य रेल का सोलापुर मंडल अपने माल आधार का विस्तार करते हुए न केवल क्षेत्रीय औद्योगिक विकास में योगदान दे रहा है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर रेलवे की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। परिचालन दक्षता, ग्राहक सेवा और स्थायी परिवहन समाधान की दिशा में उसके निरंतर प्रयास यह संकेत देते हैं कि सोलापुर मंडल आने वाले वर्षों में मध्य रेल के सबसे विश्वसनीय और अग्रणी माल ढुलाई केंद्रों में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
