रींगस खाटूश्यामजी लक्खी मेला 2026: रेलवे को 3.40 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व
उत्तर पश्चिम रेलवे ने 2.58 लाख श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा कराई और पिछले वर्ष के मुकाबले राजस्व में 25.46 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।

खाटूश्यामजी लक्खी मेले के दौरान रींगस रेलवे स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन करते रेलवे सुरक्षा बल के जवान और तैनात अधिकारी।
रींगस/जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल के रींगस पर 21 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक रींगस में आयोजित खाटूश्यामजी लक्खी मेले के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक और सुनियोजित इंतज़ामों के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित की गई। इस अवधि में कुल 2.58 लाख यात्रियों ने रींगस रेलवे स्टेशन से यात्रा की तथा स्टेशन ने ₹3.40 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में आय में 25.46 प्रतिशत व यात्री भार में 13 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार "महाप्रबंधक श्री अमिताभ के निर्देशानुसार खाटूश्यामजी लक्खी मेले के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक और सुनियोजित इंतज़ामों के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित की गई।" उल्लेखनीय है कि महाप्रबंधक श्री अमिताभ ने खाटूश्यामजी मेले में व्यवस्थाओं को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश प्रदान किये थे। मेले में ट्रेनों में आ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए डीआरएम श्री रवि जैन ने स्वयं रींगस जंक्शन पर मोर्चा सम्भाला। यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो तथा रेलवे के प्रबन्ध के लिए डीआरएम श्री रवि जैन ने रींगस जंक्शन पर व्यवस्थाएं संभाली। लगातार वे भीड़ व ट्रेनों की मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे। साथ ही एडीआरएम श्री गौरव गौड़ व श्री अशफाक हुसैन अंसारी ने भी लगातार रींगस जंक्शन पर व्यवस्थाएं संभाली।
अतिरिक्त मेला शेल्टर और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए मात्र दो महीनों में 1000 यात्रियों की क्षमता वाला एक नया मेला शेल्टर तैयार किया गया। इस प्रकार कुल दो मेला शेल्टर उपलब्ध रहे जिनकी संयुक्त क्षमता 2000 यात्रियों की थी। मेला शेल्टर को भीड़ की दिशा और मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए विभाजित किया गया था, जिससे यात्रियों का आवागमन व्यवस्थित और सुरक्षित बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त कैटरिंग, स्वच्छ पेयजल तथा अस्थायी टॉयलेट सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मांग पर मेला शेल्टर में लाइव खाटूश्यामजी दर्शन की व्यवस्था के लिए टीवी भी लगाया गया, जिससे यात्रियों को प्रतीक्षा के दौरान आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ और भीड़ का मनोवैज्ञानिक दबाव भी कम हुआ।
सुरक्षा एवं प्रभावी भीड़ प्रबंधन रणनीति
मेले के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही। भीड़ प्रबंधन के लिए कुल 70 कमर्शियल स्टाफ, 200 आरपीएफ कर्मी, 200 जीआरपी जवान तथा 60 होमगार्ड तैनात किए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सभी व्यवस्थाएं संचालित की गईं। डीसीएम जयपुर को मेला अधिकारी नियुक्त किया गया था, जो सीनियर डीएससी आरपीएफ के साथ पूरे समय रींगस में मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त अन्य अधिकारी कंट्रोल ऑफिस एवं रींगस स्टेशन पर अलग-अलग शिफ्टों में निरंतर निगरानी करते रहे। साथ ही रींगस यार्ड क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए सभी ट्रेनों का संचालन 20 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से किया गया तथा लगातार सीटी बजाकर सतर्कता बनाए रखी गई। यह कदम सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और संभावित जोखिमों को न्यूनतम करने में सहायक रहा।
प्लेटफॉर्म प्रवेश और टिकट वितरण की सुदृढ़ व्यवस्था
भीड़ को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित समय से एक घंटा पूर्व ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके लिए उचित बैरिकेडिंग की गई थी। बिना टिकट यात्रा रोकने हेतु सभी प्रवेश बिंदुओं पर चेकिंग स्टाफ की तैनाती की गई, जिससे राजस्व संरक्षण के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण में भी मदद मिली। टिकटिंग को सरल और त्वरित बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। कुल 10 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM), 15 फैसिलिटेटर, 5 मोबाइल यूटीएस (M-UTS) तथा 4 राउंड द क्लॉक बुकिंग काउंटर संचालित किए गए। पीक आवर्स में बुकिंग काउंटरों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई। साथ ही हर चार घंटे में टिकट बिक्री की नियमित मॉनिटरिंग की गई, जिससे यात्रियों की संख्या में संभावित वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने में सहायता मिली और आसपास के स्टेशनों से अतिरिक्त कोचिंग रेक की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जा सकी।
विशेष ट्रेनों का संचालन और आपातकालीन प्रबंधन
27 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे से 16 बजे के बीच यात्रियों की संख्या सामान्य से लगभग दोगुनी हो गई। हालांकि, नियमित मॉनिटरिंग के कारण प्रशासन को पहले ही संकेत मिल चुके थे। टिकट बिक्री निर्बाध जारी रही और कम समय में एक स्पेशल डेमू ट्रेन संचालित कर भीड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया। नियमित ट्रेनों के अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन हेतु कुल 150 स्पेशल ट्रेन ट्रिप चलाई गईं। इनमें से 5 ट्रिप बिना पूर्व योजना के तत्काल स्थिति को देखते हुए संचालित की गईं। इन आकस्मिक ट्रिपों के लिए नजदीकी स्टेशनों पर एक डेमू रेक तथा एक स्क्रैच रेक पहले से उपलब्ध रखे गए थे, जिससे अचानक बढ़ी भीड़ के बावजूद यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। यह त्वरित निर्णय और संसाधनों की उपलब्धता प्रशासन की सजगता और तत्परता का प्रमाण है।
राजस्व अर्जन और सफल आयोजन के निष्कर्ष
इस वर्ष मेले के दौरान 2.58 लाख यात्रियों ने रींगस स्टेशन से यात्रा की और ₹3.40 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में आय में 25.46 प्रतिशत व यात्री भार में 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। यह रेलवे प्रशासन की बेहतर योजना, सुविधाओं के विस्तार और कुशल भीड़ प्रबंधन का परिणाम है। लक्खी मेला 2026 के सफल आयोजन में रेलवे प्रशासन, सुरक्षा बलों एवं समस्त कर्मचारियों की समन्वित कार्यप्रणाली, सतत मॉनिटरिंग और त्वरित निर्णय क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रींगस स्टेशन पर किए गए सुनियोजित प्रबंधों ने न केवल यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित की, बल्कि रेलवे की सकारात्मक छवि को भी सुदृढ़ किया। उत्तर पश्चिम रेलवे भविष्य में भी इसी प्रकार बेहतर कार्य निष्पादन और पूर्ण क्षमता के साथ यात्रियों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।

Pratahkal Bureau
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