मध्य रेल ने सतर्कता अभियान के तहत CTE प्रकार की गहन जाँच पर संगोष्ठी का आयोजन किया
मध्य रेल ने “सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी” विषय पर केंद्रीय सतर्कता अभियान के तहत CTE प्रकार की गहन जाँच पर संगोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के मूल्यों को सुदृढ़ करना र

मुंबई। "सतर्कता केवल एक विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की नैतिक प्रतिबद्धता है।" इसी संदेश को साकार रूप देते हुए मध्य रेल के सतर्कता संगठन ने 7 अक्टूबर 2025 को मुंबई स्थित अपने मुख्यालय कार्यालय में CTE (Chief Technical Examiner) प्रकार की गहन जाँच पर केंद्रित एक संगोष्ठी का आयोजन किया। यह आयोजन चल रहे केंद्रीय सतर्कता अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका केंद्रीय विषय है “सतर्कता: हमारी साझा जिम्मेदारी।”
यह संगोष्ठी, मध्य रेलवे के सतर्कता संगठन के कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य अधिकारियों में सार्वजनिक खरीद, अनुबंध प्रबंधन तथा अवसंरचना परियोजनाओं में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य रेल के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक (एसडीजीएम) एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी नीरज कुमार दोहरे ने की। उन्होंने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि सतर्कता केवल अनियमितताओं की पहचान का माध्यम नहीं, बल्कि संगठनात्मक संस्कृति में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने का एक सतत प्रयास है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी संगठन की सफलता उसकी कार्य संस्कृति की पारदर्शिता और कर्मचारियों की जिम्मेदारीबोध पर निर्भर करती है।
संगोष्ठी की मुख्य विशेषता रही वरिष्ठ और अनुभवी रेलवे इंजीनियर सुभाष कुमार सिंगला (सेवानिवृत्त IRSE अधिकारी) का विचारोत्तेजक व्याख्यान। सिंगला ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर CTE प्रकार की निरीक्षण प्रक्रिया की बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सटीक निरीक्षण तकनीकों के प्रयोग से न केवल अनियमितताओं को रोका जा सकता है, बल्कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
उन्होंने सार्वजनिक कार्यों में आम तौर पर पाई जाने वाली त्रुटियों, निरीक्षण में अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं तथा ईमानदारी के सिद्धांतों पर अपने विचार साझा किए। उनके व्याख्यान ने उपस्थित अधिकारियों को यह सोचने पर प्रेरित किया कि कैसे सतर्कता केवल नियंत्रण का नहीं, बल्कि सुधार और नवाचार का भी माध्यम बन सकती है।
इस अवसर पर मध्य रेल के विभिन्न विभागों अभियंत्रण, लेखा, सामग्री प्रबंधन, निर्माण और अन्य शाखाओं से आए अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ से प्रश्न पूछे और व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की। संगोष्ठी के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पारदर्शिता और नैतिकता जैसे मूल्य केवल नीतिगत दस्तावेजों तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें प्रत्येक निर्णय और कार्य में आत्मसात करना ही वास्तविक सतर्कता का परिचायक है।
यह संगोष्ठी तीन महीने तक चलने वाले सतर्कता जागरूकता अभियान (18 अगस्त से 17 नवंबर 2025) का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत मध्य रेल द्वारा कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कई कार्यशालाएँ, प्रशिक्षण सत्र और संवाद आयोजित किए जा रहे हैं। इस व्यापक अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि रेलवे के प्रत्येक स्तर पर ईमानदारी, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना और भी मजबूत बने।
समापन के अवसर पर नीरज कुमार दोहरे ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सतर्कता का वास्तविक अर्थ भय नहीं, बल्कि विश्वास और निष्ठा है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में निष्पक्षता और पारदर्शिता को जीवन मूल्य की तरह अपनाएँ।
इस संगोष्ठी ने यह संदेश दिया कि “सतर्कता केवल नियम पालन नहीं, बल्कि नैतिकता की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता है।” मध्य रेल का यह प्रयास न केवल संगठनात्मक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह सार्वजनिक सेवा में विश्वास और ईमानदारी की नई परंपरा को सुदृढ़ करने का भी प्रतीक बन गया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
