भारतीय रेलवे का नया अध्याय; 18 जनवरी से दौड़ेगी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। 18 जनवरी से हावड़ा-कामाख्या के बीच चलने वाली इस ट्रेन में वायरस मुक्त हवा के लिए यूवीसी तकनीक और सुरक्षा के लिए 'कवच' प्रणाली का उपयोग किया गया है। 130 किमी/घंटा की रफ्तार और नो वेटिंग लिस्ट जैसे फीचर्स के साथ जानें इस लग्जरी ट्रेन का किराया और सभी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं।

भारतीय रेलवे के इतिहास में कल एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। पिछले 11 वर्षों से रेल यात्रा को सुगम, सुरक्षित और तीव्र बनाने के संकल्प को सिद्ध करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। 18 जनवरी से यह ट्रेन हावड़ा और कामाख्या के बीच अपनी नियमित सेवा शुरू कर देगी। यह केवल एक ट्रेन नहीं, बल्कि पटरियों पर दौड़ता एक 'वर्ल्ड क्लास होटल' है, जो लंबी दूरी के यात्रियों के लिए समय और सुविधा का एक क्रांतिकारी मेल साबित होने वाला है।
हवाई जहाज जैसी तकनीक और फाइव-स्टार सुविधाएं :
अभी तक वंदे भारत केवल चेयरकार के रूप में उपलब्ध थी, लेकिन अब स्लीपर वर्जन के आने से लंबी दूरी की यात्रा का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। 16 कोच वाली इस ट्रेन में 11 कोच थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी का होगा।
- वायरस मुक्त सफर: ट्रेन में उन्नत 'यूवीसी डिसइंफेक्टेंट' तकनीक का उपयोग किया गया है, जो कोच के भीतर की हवा को लगातार फ्रेश और कीटाणुमुक्त रखेगी।
- समय की बचत: 160 से 180 किमी/घंटा की परीक्षण गति वाली यह ट्रेन नियमित परिचालन में 130 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे लंबी दूरी के सफर में औसतन 3 घंटे से अधिक की बचत होगी।
- नो वेटिंग, नो RAC: इस ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल पूर्णतः कन्फर्म टिकट ही मिलेंगे। आरएसी (RAC) या वेटिंग लिस्ट का कोई झंझट नहीं होगा, जिससे यात्रियों को चार्ट बनने के तनाव से मुक्ति मिलेगी।
सुरक्षा और तकनीक का 'कवच' :
यात्रियों की सुरक्षा के लिए इस ट्रेन को अत्याधुनिक ‘कवच’ (स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) से लैस किया गया है। इसके अलावा, इमरजेंसी की स्थिति के लिए 'टॉक-बैक यूनिट' और लोको पायलट के केबिन में एडवांस कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। ट्रेन का एरोडायनामिक बाहरी ढांचा हवा के प्रतिरोध को कम करेगा, जिससे उच्च गति पर भी स्थिरता बनी रहेगी।
स्वाद और सेवा का अनोखा संगम :
रेलवे ने इस ट्रेन में क्षेत्रीय स्वाद को प्राथमिकता दी है। ट्रेन जिस क्षेत्र से अपनी यात्रा शुरू करेगी, वहां के प्रसिद्ध व्यंजन यात्रियों को परोसे जाएंगे। इसके साथ ही, यात्रियों को प्रीमियम बेडरोल, रेल नीर की बोतल और एक समाचार पत्र नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा।
महत्वपूर्ण आधिकारिक नियम:
कोटा व्यवस्था: इस ट्रेन में नो वीआईपी कोटा (VIP Quota) नीति लागू रहेगी। यहां तक कि वरिष्ठ रेल अधिकारी भी पास का लाभ नहीं ले पाएंगे। केवल महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और ड्यूटी पास कोटा ही मान्य होगा। किराया: इसका न्यूनतम किराया राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा अधिक होगा और 400 किमी की दूरी के आधार पर तय किया जाएगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
