भारत और विश्व की रक्षा तकनीक में अगली पीढ़ी की क्रूज मिसाइलें रणनीतिक बदलाव ला रही हैं। ब्राहमोस्-एनजी, JASSM-XR, Zircon जैसी मिसाइलें अपनी गति, स्टील्थ और लंबी दूरी की सटीकता से आधुनिक युद्ध में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।

भारत और दुनिया के प्रमुख देशों की रक्षा तकनीक में अब एक नया युग शुरू हो गया है। अगली पीढ़ी की क्रूज मिसाइलें (Next-Gen Cruise Missiles) अब केवल हथियार नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। यह मिसाइलें अपनी गति, गुप्तता और उच्च सटीकता के कारण वर्तमान और भविष्य के युद्ध परिदृश्यों में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।

क्रूज मिसाइल की परिभाषा अब केवल ‘दूर से मार करने वाले हथियार’ तक सीमित नहीं रही। अगली पीढ़ी की क्रूज मिसाइलें अब अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हैं। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मार्गदर्शन, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर से बचाव, और लक्ष्य पहचान की क्षमता शामिल है। मिसाइलें हवाई, भूमि और समुद्र आधारित प्लेटफार्मों से लॉन्च की जा सकती हैं, और इनकी रेंज भी परंपरागत मिसाइलों की तुलना में कई गुना लंबी है।

भारत ने अपनी सीमा और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्राहमोस्-एनजी (BrahMos-NG) विकसित की है। यह मिसाइल हल्की, तेज और अधिक छिपी हुई तकनीक से लैस है। इसके साथ ही लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (LR-LACM) भी विकासाधीन है, जो लंबी दूरी तक सटीक मार करने की क्षमता रखती है। संयुक्त राज्य अमेरिका में JASSM-XR और HACM जैसी मिसाइलें हैं, जो अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक और लंबी दूरी की मारक क्षमता से लैस हैं। अमेरिका की ये मिसाइलें हवाई आधारित हैं और हाइपरसोनिक गति तक पहुँचने की क्षमता रखती हैं।

रूस ने अपने हथियार भंडार में 3M22 Zircon और Kalibr-M जैसी हाइपरसोनिक और लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल की हैं। ये मिसाइलें उच्च गति और क्षमता के कारण आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों को चुनौती देती हैं। चीन भी इस क्षेत्र में पीछे नहीं है। उसकी CJ-100 और CJ-20 मिसाइलें लंबी दूरी, स्टील्थ और परमाणु क्षमता से लैस हैं। चीन की हाइपरसोनिक मिसाइलें क्षेत्रीय और वैश्विक सैन्य संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

अगली पीढ़ी की क्रूज मिसाइलों का महत्व केवल तकनीकी दृष्टि से नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी है। यह मिसाइलें स्टैंड-ऑफ प्रिसिजन स्ट्राइक की क्षमता देती हैं, जिससे दुश्मन तक पहुँचने में समय और जोखिम कम होता है। इसके साथ ही ये मिसाइलें मौजूदा रक्षा प्रणालियों के लिए चुनौती पेश करती हैं और वैश्विक सुरक्षा संतुलन में बदलाव ला सकती हैं। भारत सहित वैश्विक ताकतें इन मिसाइलों के विकास और परीक्षण में तेजी ला रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगली पीढ़ी की क्रूज मिसाइलें भविष्य के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभाएंगी और राष्ट्रीय सुरक्षा के ढांचे को मजबूत बनाएंगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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