समंदर में गूँजी भारत की दहाड़; INS Vikrant ने दुनिया को दिखाया अपना दम
विशाखापत्तनम में आईएनएस विक्रांत की अगुवाई में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू संपन्न। राष्ट्रपति मुर्मू और रक्षा मंत्री ने 70 देशों के साथ भारत की नौसैनिक शक्ति को सराहा।

INS Vikrant
International Fleet Review 2026 : बंगाल की खाड़ी के शांत पानी ने गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखा जिसने दुनिया भर के सैन्य रणनीतिकारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भारत के स्वदेशी गौरव, विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) की अगुवाई में आयोजित 'इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू' (IFR) ने विशाखापत्तनम के तट पर भारतीय नौसेना की बढ़ती धमक को वैश्विक मंच पर स्थापित कर दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर समुद्र में भारत की अजेय शक्ति का निरीक्षण किया, जहाँ 85 युद्धपोतों और 70 से अधिक देशों की भागीदारी ने 'महासागरों के माध्यम से एकजुटता' (United Through Oceans) के संकल्प को दोहराया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने किया समुद्री बेड़े का निरीक्षण :
देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस भव्य समारोह के दौरान समुद्र में तैनात शक्तिशाली बेड़े का जायजा लिया। इस बेड़े में 19 विदेशी युद्धपोत, अत्याधुनिक पनडुब्बियां और 60 से अधिक विमान शामिल थे। आकाश में नौसैनिक विमानों के लुभावने फ्लाईपास्ट और पानी की लहरों पर युद्धपोतों के जटिल युद्धाभ्यास ने भारत की सैन्य तत्परता का परिचय दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता के रूप में भारत की भूमिका को पुख्ता करना और वैश्विक समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना था।
अभ्यास 'मिलन 2026' और वैश्विक रणनीतिक गठबंधन :
इसी मेगा इवेंट के हिस्से के रूप में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'मिलन 2026' का औपचारिक उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने समुद्री डकैती, आतंकवाद और जलवायु आपदाओं जैसी साझा चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अपरिहार्य बताया। इस दौरान 'इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम' (IONS) के माध्यम से रूस, ईरान, जापान और आसियान (ASEAN) देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ किया गया।
INS Vikrant makes a grand entry at Visakhapatnam ahead of IFR 2026 🇮🇳🔥 pic.twitter.com/YIzV3y30Oa
— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) February 19, 2026
विशाखापत्तनम नौसैनिक आयोजन: मुख्य आंकड़े
श्रेणी | विवरण / संख्या |
कुल युद्धपोत | 85 (आईएनएस विक्रांत सहित) |
विदेशी नौसैनिक जहाज | 19 (विभिन्न मित्र देशों से) |
प्रतिभागी राष्ट्र | 70 से अधिक |
हवाई शक्ति | 60+ विमान (हेलीकॉप्टर और लड़ाकू जेट) |
मुख्य मंच | आईएनएस सुमेधा (प्रेसिडेंशियल याच) |
With the participation of 74 nations, MILAN-2026 stands as the largest and most inclusive edition to date. It reflects the global maritime community’s trust in India as a responsible and reliable maritime partner. pic.twitter.com/CrzxdPmQ5a
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) February 19, 2026
आत्मनिर्भर भारत और हिंद-प्रशांत की सुरक्षा :
आईएनएस विक्रांत न केवल एक युद्धपोत है, बल्कि यह भारत की 'आत्मनिर्भरता' का जीवंत प्रतीक है। गुरुवार को संपन्न हुआ इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू इस बात का गवाह बना कि कैसे भारत अपनी स्वदेशी तकनीक के दम पर अब वैश्विक समुद्री व्यवस्था को आकार दे रहा है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि समुद्री सुरक्षा अब किसी एक राष्ट्र की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह साझा भविष्य के लिए एक सामूहिक प्रयास है। चीन और तुर्की जैसे देशों की अनुपस्थिति के बीच, जर्मनी, फिलीपींस और यूएई की पहली बार भागीदारी ने भारत की कूटनीतिक जीत पर मुहर लगा दी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
