घर पर गुलाबजल बनाने का आसान और प्राकृतिक तरीका। ताजे गुलाब के फूलों से तैयार यह गुलाबजल त्वचा की देखभाल, स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए लाभकारी है, साथ ही बाजार के रासायनिक उत्पादों का सुरक्षित विकल्प भी है।

गुलाब का फूल सदियों से सौंदर्य और ताजगी का प्रतीक रहा है। वहीं, गुलाबजल केवल सुगंध और त्वचा की देखभाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में भी स्वास्थ्य लाभ के लिए व्यापक रूप से उपयोग होता रहा है। आज, घर पर ही गुलाबजल बनाने का तरीका लोगों के लिए आसान और सुलभ हो गया है, जिससे बाजार के महंगे उत्पादों पर निर्भरता कम होती है।

घर पर गुलाबजल बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल और प्राकृतिक है। इसके लिए ताजे गुलाब के फूल, शुद्ध पानी और एक धीमी आंच वाला स्टोव पर्याप्त हैं। सबसे पहले, ताजे गुलाब के फूलों को अच्छी तरह से धोकर उनके पंखुड़ियों को अलग कर लें। इसके बाद एक बड़े बर्तन में पंखुड़ियों को डालकर उस पर पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पानी डालें, ताकि फूल पूरी तरह से पानी में डूब जाएं। बर्तन को ढककर धीमी आंच पर पकाना शुरू करें। फूलों का पानी से मिश्रण जब गर्म होगा, तो धीरे-धीरे उसकी सुगंध और प्राकृतिक अर्क पानी में घुल जाएगा।

पकाने के दौरान ध्यान रखें कि मिश्रण को उबाल न आने दें, बल्कि हल्की भाप के माध्यम से ही गुलाब के अर्क को पानी में अवशोषित होने दें। लगभग 20-30 मिनट के बाद जब मिश्रण ठंडा हो जाए, इसे छलनी या कपड़े से छान लें। छाने हुए पानी को किसी कांच के कंटेनर में भरकर ठंडी जगह पर संग्रहित करें। इस प्रकार तैयार गुलाबजल न केवल त्वचा पर सीधे लगाया जा सकता है, बल्कि इसका उपयोग खाना पकाने और सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जा सकता है।

गुलाबजल के स्वास्थ्य लाभ भी व्यापक हैं। यह त्वचा को ताजगी और नमी प्रदान करता है, चेहरे पर होने वाली सूजन को कम करता है और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। साथ ही, इसे नींद सुधारने, पाचन को दुरुस्त करने और हल्के तनाव को कम करने के लिए भी घरेलू नुस्खों में शामिल किया जाता है।

आधिकारिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो घर पर गुलाबजल बनाना सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीका है। बाजार में मिलने वाले गुलाबजल में रासायनिक तत्व और संरक्षक शामिल हो सकते हैं, जो संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। वहीं, घर पर बनाया गया गुलाबजल शुद्ध, प्राकृतिक और त्वचा के लिए सौम्य होता है।

इस तरह, घर पर गुलाबजल बनाना न केवल स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह पारंपरिक नुस्खों और प्राकृतिक उपायों की प्राचीन परंपरा को भी जीवित रखता है। आज के दौर में, जब लोग रासायनिक उत्पादों से दूर रहना पसंद कर रहे हैं, तब घर पर तैयार गुलाबजल अपने सरल निर्माण और प्राकृतिक गुणों के कारण अधिक प्रासंगिक और उपयोगी साबित हो रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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