क्या आप भी खाली पेट चाय पीते हैं? रुक जाइए! ये 'मैजिकल ड्रिंक' पीना शुरू करें और जड़ से खत्म करें पुरानी कब्ज
हर सुबह एक चम्मच शुद्ध घी और गुनगुना पानी पीने से पाचन सुधार, ऊर्जा वृद्धि, हृदय स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आयुर्वेद और आधुनिक शोध भी इस सरल स्वास्थ्य उपाय के लाभों की पुष्टि करते हैं।

घी के फायदे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयुर्वेदाचार्यों का कहना है कि सुबह के समय एक चम्मच शुद्ध देसी घी को गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से न केवल पाचन तंत्र मजबूत होता है, बल्कि पूरे शरीर को ऊर्जा और संतुलन मिलता है। यह सरल लेकिन प्रभावशाली अभ्यास भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में सदियों से प्रचलित है और आज आधुनिक अनुसंधान भी इसके कई लाभों की पुष्टि कर रहे हैं।
स्निग्ध और पौष्टिक घी को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने की प्रक्रिया शरीर के लिए कई तरह से लाभकारी मानी जाती है। सबसे पहले यह पेट और आंतों की सफाई में सहायक है। आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और कब्ज जैसी सामान्य समस्याओं से राहत प्रदान करता है। इसके साथ ही, यह पाचन क्रिया को दुरुस्त कर पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखने में योगदान देता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह खाली पेट घी और गुनगुने पानी का सेवन करने से शरीर में वसा को संतुलित करने, हृदय स्वास्थ्य में सुधार और कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। साथ ही, यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मस्तिष्क की कार्यक्षमता सुधारने में भी सहायक माना जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने इसे विशेष रूप से वृद्धावस्था में शरीर की मजबूती बनाए रखने और जोड़ों तथा हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी बताया है।
कई शोध और वैज्ञानिक अध्ययन भी इस पर प्रकाश डालते हैं कि घी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, वसा घुलनशील विटामिन (A, D, E, K) और अन्य पोषक तत्व शरीर की समग्र सेहत को लाभ पहुँचाते हैं। गुनगुना पानी इन तत्वों को शरीर द्वारा बेहतर ढंग से अवशोषित करने में मदद करता है। इससे प्रतिदिन के मानसिक तनाव को कम करने और ताजगी बनाए रखने में भी योगदान मिलता है।
वैध और स्वास्थ्य विभागीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह एक प्राकृतिक, सुरक्षित और दैनिक जीवन में आसानी से अपनाया जाने वाला उपाय है। इसे अपनाने के लिए किसी विशेष चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते व्यक्ति को घी या डेयरी उत्पादों से एलर्जी न हो। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि शुद्ध देसी गाय का घी ही सर्वोत्तम माना जाता है और सेवन की मात्रा एक चम्मच से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सुबह के समय इस आदत को नियमित रूप से अपनाना न केवल शरीर को फिट रखता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और ऊर्जा स्तर को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। छोटे से कदम से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया समय के साथ जीवनशैली में सुधार लाती है और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से शरीर और मन के संतुलन को बनाए रखती है।
इस प्रकार, हर सुबह एक चम्मच घी और गुनगुना पानी स्वास्थ्य के लिए एक सरल, प्राकृतिक और प्रभावी उपाय साबित हो सकता है। इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लोग न केवल अपने शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं, बल्कि मानसिक ताजगी और ऊर्जा का अनुभव भी कर सकते हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
