विज्ञान भवन में मंथन: पोषण सुरक्षा पर केंद्रित एनडीडीबी का अहम सम्मेलन
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 6 जनवरी 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन के सीएसआर कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे। पोषण सुरक्षा और कुपोषण उन्मूलन पर केंद्रित यह आयोजन सहकार और कॉरपोरेट उत्तरदायित्व को जोड़ने की अहम पहल है।

विज्ञान भवन
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित विज्ञान भवन में 6 जनवरी 2026 को देश की पोषण नीति और सहकारी आंदोलन के भविष्य से जुड़ा एक अहम अध्याय जुड़ने जा रहा है। ‘सहकार से समृद्धि’ की दूरदर्शी अवधारणा को जमीन पर उतारने की दिशा में एक और निर्णायक पहल करते हुए, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन द्वारा आयोजित सीएसआर कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे। इस सम्मेलन का विषय है— “पोषण सुरक्षा और कुपोषण उन्मूलन में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका”, जो देश के सामाजिक विकास के लिए सार्वजनिक–निजी सहभागिता को एक नई दिशा देने का प्रयास है।
यह कॉन्क्लेव केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत में कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए नीति, सहयोग और संसाधनों के समन्वय का एक सशक्त मंच है। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की पहल एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं और कॉरपोरेट क्षेत्र को पोषण सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे से जोड़ना है।
कार्यक्रम में नीति-निर्माण और प्रशासनिक स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। इनमें सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक, तथा एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सभी की मौजूदगी यह दर्शाती है कि पोषण सुरक्षा को अब केवल सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में देखा जा रहा है।
कॉन्क्लेव के दौरान कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से पोषण संबंधी कार्यक्रमों में निवेश, सहकारी ढांचे के उपयोग, और ग्रामीण व कमजोर वर्गों तक प्रभावी हस्तक्षेप पर विस्तृत विचार-विमर्श होने की संभावना है। यह मंच उद्योग जगत, सहकारी संस्थाओं और सरकारी तंत्र के बीच संवाद को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को अधिक संगठित और परिणामोन्मुख बनाया जा सके।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ होने की उम्मीद है कि जब सहकार, कॉरपोरेट उत्तरदायित्व और सरकारी नीतियां एक साझा लक्ष्य के लिए एकजुट होती हैं, तो सामाजिक परिवर्तन केवल संभव ही नहीं, बल्कि स्थायी भी बनता है। यह कॉन्क्लेव भारत के पोषण सुरक्षा अभियान को नई ऊर्जा और दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
