पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया ने बताया कि हरियाणा सरकार से एनओसी मिलने के बाद राजस्थान सरकार अब नहर के पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगी।

नोहर (तिवाड़ी)। क्षेत्र के किसानों की दशकों पुरानी मांग अब पूरी होगी। नोहर फीडर नहर के रिलाइनिंग कार्य के लिए हरियाणा सरकार द्वारा एनओसी जारी कर दी गई है और इसके साथ ही डीपीआर के लिये भी स्वीकृति मिल चुकी है। विशेष बात यह है कि इस डीपीआर को बनाने का कार्य राजस्थान सरकार द्वारा किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण जानकारी पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया ने गुरुवार को यहाँ मटोरिया भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान साझा की।

सिंचाई तंत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अभिषेक मटोरिया ने बताया कि नोहर फीडर नहर के पुनर्निर्माण की मांग लंबे समय से चली आ रही थी और किसान इसको लेकर लगातार संघर्षरत थे। इस विषय में राजस्थान सरकार के अलावा केन्द्र व हरियाणा सरकार को भी निरंतर अवगत कराया गया था, जिसके परिणामस्वरूप अब हरियाणा सरकार द्वारा नोहर फीडर नहर के लिये एनओसी व डीपीआर हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। मटोरिया ने स्पष्ट किया कि "लंबे समय से लंबित नोहर फीडर की रिलाइनिंग और हरियाणा क्षेत्र से जुड़े हिस्सों के एकीकरण को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। हरियाणा सरकार ने नोहर फीडर, बरवाली वितरिका और फतेहाबाद ब्रांच की एनओसी और डीपीआर स्वीकृत कर दी है।"

प्राथमिकता के आधार पर होगा निर्माण कार्य

परियोजना की कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि "करीब 18-20 किलोमीटर के उस हिस्से को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां से राजस्थान को सर्वाधिक पानी का नुकसान होता है और टेल तक पानी पूर्ण रूप से नहीं पहुंच पाता।" उन्होंने आगे जानकारी दी कि डीपीआर तैयार होने के बाद ही परियोजना की कुल लागत, आकार, ऊंचाई, लंबाई और संरचना, जिसमें पाइपलाइन या खुली नहर का विकल्प शामिल है, तय की जाएगी। इसके पश्चात केंद्र सरकार की सीडब्ल्यूसी में राज्य अनुपात के आधार पर वित्तीय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि राजस्थान, हरियाणा व केंद्र सरकार के बेहतर समन्वय से संभव हुई है और संबंधित पत्र हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किया जा चुका है।

जर्जर नहर से मिलती निजात और बढ़ती उत्पादकता

नहर की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए अभिषेक मटोरिया ने बताया कि "नोहर फीडर नहर जर्जर होने के कारण आये दिन टूटती थी, जिस कारण किसानों की बारिया भी पिट रही थी और किसानों के खेतों तक भी पूरा पानी नही पहुंच पाता था।" उन्होंने भरोसा जताया कि रिलाइनिंग का कार्य पूर्ण होने के बाद जहां पानी की बर्बादी रुकेगी, वहीं किसानों को समय पर सिंचाई पानी उपलब्ध होने से फसलों की उत्पादकता में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

क्षेत्र की अन्य नहरों के लिए बजट में विशेष प्रावधान

सिंचाई तंत्र को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मटोरिया ने कहा कि "राज्य सरकार द्वारा बजट में अनेक घोषणाएं कि गई है। भाखड़ा सिंचाई प्रणाली, सिद्धमुख सिंचाई प्रणाली, अमर सिंह ब्रांच सहित क्षेत्र की अधिकांश नहरों के रिमॉडलिंग और रिलाइनिंग कार्य के लिए एकमुश्त बड़ी राशि स्वीकृत की गई है।" उन्होंने बताया कि आमतौर पर इतनी बड़ी धनराशि चरणबद्ध तरीके से 3-5 वर्षों में मिलती है, लेकिन इस बार एक ही बजट में व्यापक प्रावधान किया गया है। इस बजट के माध्यम से नोहर वितरिका, जसाना मेजर, मलवानी, बिरकाली, आपूवाला, रायसिंहपुरा और फेफाना सहित तमाम नहरों की रिलाइनिंग व जीर्णोद्धार कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त खालो के विकास हेतु 20-25 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मांग भी स्वीकार कर ली गई है, जिसकी राशि मार्च के बाद चरणबद्ध रूप से जारी होगी।

नोहर को मिली कन्वेंशन सेंटर और स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात

विकास कार्यों की कड़ी में मटोरिया ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि "शहर में 5 करोड़ की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण होगा, जिसके लिये स्वीकृति मिल चुकी है।" उन्होंने रेखांकित किया कि आम तौर पर ऐसे सेंटर केवल जिला मुख्यालय पर ही बनते हैं, मगर सरकार ने इसके लिये नोहर का विशेष चयन किया है, जो सामाजिक, सांस्कृतिक व सार्वजनिक आयोजनों के लिये अत्यंत उपयोगी साबित होगा। स्वास्थ्य सेवाओं पर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि "उप जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक का संचालन शीघ्र शुरू होगा, जिसके उपकरण खरीद के लिये समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है, साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन शुरू करने के लिये भी अधिकारियों को अवगत कराया गया है।"

किसानों में हर्ष और आभार का माहौल

नोहर फीडर नहर के पुनर्निर्माण हेतु एनओसी व डीपीआर की स्वीकृति की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दशकों पुरानी मांग अब जाकर पूरी हुई है। इस उपलब्धि के लिए किसानों ने पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "अभिषेक मटोरिया इसको लेकर निरंतर प्रयासरत थे।" किसानों के अनुसार, नोहर फीडर नहर क्षेत्र के 35 गांवों के लिए जीवनदायिनी है। इस सफलता की खुशी में अनेक गांवों में किसानों ने मिठाई बांटकर अपना उत्साह प्रकट किया। इस पत्रकार वार्ता के दौरान जल उपयोक्ता संगम के अनेक अध्यक्ष भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

Pratahkal Newsroom

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