हनुमानगढ़: विकास और जनहित के कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं, जिला कलेक्टर ने दिखाई सख्त तेवर
हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में 15 से अधिक विभागों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। बिजली, पानी, सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जर्जर पोल बदलने, अतिक्रमण हटाने और कैंसर स्क्रीनिंग के लिए सख्त डेडलाइन तय की। जिला परिषद सीईओ ओपी बिश्नोई सहित तमाम अधिकारियों की उपस्थिति में विकास कार्यों को गति देने का संकल्प लिया गया।

हनुमानगढ़। जिले के प्रशासनिक गलियारों में आज उस समय हलचल तेज हो गई जब जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया। विकास की गति को नई ऊर्जा देने और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के ध्येय से आयोजित इस बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 15 से अधिक विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में डॉ. यादव ने न केवल प्रगति रिपोर्ट खंगाली, बल्कि धरातल पर बदलाव लाने के लिए कड़े निर्देश भी जारी किए।
बैठक की शुरुआत विद्युत व्यवस्था की समीक्षा से हुई, जहाँ जिला कलेक्टर ने डिस्कॉम को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि जिले भर में टूटे और जर्जर हो चुके विद्युत पोलों का तत्काल सर्वे कर उन्हें बदला जाए। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने ट्रांसफॉर्मरों के चारों ओर फेसिंग सुनिश्चित करने और राजकीय भवनों पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर पैनल की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा। वहीं, आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर गंभीर होते हुए जलदाय विभाग को निर्देशित किया गया कि पेयजल डिग्गियों की नियमित सफाई हो और पानी के नमूनों की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जल जीवन मिशन के कार्यों से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में तुरंत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
प्रशासन का ध्यान केवल बुनियादी ढांचे तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और जन स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर दिया गया। जिले में कैंसर स्क्रीनिंग वाहन के लिए पांच दिवसीय रूट चार्ट बनाकर लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए ताकि चिकित्सा सेवाएं अंतिम छोर तक पहुँच सकें। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब और अधिक चौकस नजर आएगा; स्कूलों की बाल वाहिनियों की सघन जांच, बसों में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का प्रदर्शन और यातायात जागरूकता में एनसीसी, एनएसएस व स्काउट के विद्यार्थियों की भागीदारी को अनिवार्य बनाने पर चर्चा की गई। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों की साप्ताहिक गतिविधियों और खेल मैदानों की मॉनिटरिंग के जरिए जिले के शैक्षणिक स्तर को सुधारने का खाका भी खींचा गया।
शहर की अव्यवस्थाओं पर प्रहार करते हुए जिला कलेक्टर ने नगर परिषद को सड़कों से अतिक्रमण हटाने और निराश्रित पशुओं को गौशालाओं में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। खुले में पशु छोड़ने वाले मालिकों पर भारी जुर्माना लगाने की बात भी कही गई ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके। बैठक के अंतिम चरण में डॉ. खुशाल यादव ने संपर्क पोर्टल, जनसुनवाई और रात्रि चौपाल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जांची। उन्होंने ई-फाइल निस्तारण और बजट घोषणाओं की प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला परिषद सीईओ ओपी बिश्नोई सहित पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, शिक्षा और पशुपालन विभाग के तमाम जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने शासन के इन निर्देशों को समय सीमा में पूर्ण करने की प्रतिबद्धता जताई।

Pratahkal Newsroom
PratahkalNewsroom is the editorial team of Pratahkal News, dedicated to delivering accurate, timely, and unbiased news. Our newsroom focuses on verified reporting, in-depth analysis, and responsible journalism across politics, society, economy, and national affairs.
