गाँवों की धरोहर अब डिजिटल; ‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ ने पूरा किया 6.38 लाख गाँवों का सर्वे
‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ कार्यक्रम के तहत भारत के 6.38 लाख गाँवों का सांस्कृतिक मानचित्रण पूरा, 6.23 लाख गाँवों का डेटा MGMD पोर्टल पर अपलोड। यह पहल ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर नीति, पर्यटन और ग्रामीण आजीविका में सहायक साबित होगी।

mera gaon meri dharohar
mera gaon meri dharohar : भारत सरकार ने ‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ (MGMD) कार्यक्रम के माध्यम से देश के ग्रामीण क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को डिजिटल रूप में संजोने का एक ऐतिहासिक प्रयास पूरा कर लिया है। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में बताया कि इस अभियान के तहत अब तक 6,38,365 गाँवों की सांस्कृतिक पहचान दर्ज की जा चुकी है, और 6,23,449 गाँवों का डेटा MGMD पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक गाँव की मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का व्यापक रूप से दस्तावेजीकरण करना है। इसमें लोक परंपराएँ, रीति-रिवाज, ऐतिहासिक महत्व वाले स्थल, पारंपरिक कला और शिल्प, मेले-त्योहार, पारंपरिक भोजन, स्थानीय पोशाक और आभूषण, साथ ही प्रसिद्ध कलाकार और स्थानीय पहचान वाले स्थल शामिल हैं। इस दस्तावेजीकरण के माध्यम से प्रत्येक गाँव का एक ऑथेंटिक सांस्कृतिक प्रोफाइल तैयार होता है, जो ग्रामीण समुदायों को अपनी पहचान और विरासत को संरक्षित करने का अवसर प्रदान करता है।
MGMD पोर्टल पर उपलब्ध यह संरचित डेटा न केवल सांस्कृतिक अध्ययन और शोध के लिए उपयोगी है, बल्कि सरकार और संबंधित संस्थानों को सांस्कृतिक क्लस्टर विकास, हेरिटेज टूरिज्म, पारंपरिक कौशल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में यह पहल सतत आर्थिक विकास और सांस्कृतिक जागरूकता दोनों को प्रोत्साहित करती है, जिससे देशभर के गाँवों की धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत सरकार ने ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे डिजिटल रूप में व्यापक पहुँच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। MGMD का यह सांस्कृतिक मानचित्र भविष्य में नीति निर्माण, पर्यटन विकास और ग्रामीण समुदायों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं में मार्गदर्शक साबित होगा।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
