गुजरात के गांधीनगर और नवसारी विश्वविद्यालय ने 'वलसाड हापूस' के नाम से GI मानांकन के लिए आवेदन किया, जिससे कोकण हापूस आम उत्पादक चिंतित हैं। इस कदम से कोकण के किसानों को आर्थिक नुकसान और पहचान में भेसळ का खतरा है। आंबा बागायतदार संघटनाएँ कानूनी लड़ाई की तैयारी में हैं।

Konkan Hapus mango GI tag dispute : जगप्रसिद्ध कोकण हापूस आम की भौगोलिक पहचान (GI Tag) को लेकर नई लड़ाई शुरू हो गई है। गुजरात के गांधीनगर और नवसारी विश्वविद्यालय ने 'वलसाड हापूस' के नाम से GI मानांकन के लिए आवेदन किया है। 2023 में दाखिल किए गए इस आवेदन की पहली सुनवाई 30 अक्टूबर को हुई।

इस कदम के खिलाफ कोकण के आम उत्पादक और विक्रेता संघटनों ने कड़ा विरोध जताया है। कोकण आंबा उत्पादक संघ के अध्यक्ष डॉ. विवेक भिड़े का कहना है कि यदि 'वलसाड हापूस' को मानांकन मिल जाता है, तो कोकण के किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान होगा और आम की पहचान में भेसळ (adulteration) बढ़ने का खतरा होगा।

देश में कुल आम निर्यात में हापूस का योगदान 50 प्रतिशत से अधिक है, जिसमें कोकण के आमों का बड़ा हिस्सा शामिल है। इस क्षेत्र की पहचान और आर्थिक महत्व को बनाए रखने के लिए कोकण के आंबा बागायतदार संघटनाएँ इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का परिणाम भारतीय आम निर्यात और कोकण हापूस की वैश्विक पहचान पर असर डाल सकता है। इसलिए सभी संबंधित पक्ष इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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