कल होगा पहला रोज: जानें 19 फरवरी से 20 मार्च तक सहरी और इफ्तार का सही समय
रमजान 2026 की संभावित तारीख, चाँद देखने का समय, रमजान का महत्व, चाँद दिखने के बाद की प्रक्रिया और इफ्तारी में खाए जाने वाले व्यंजनों की विस्तृत जानकारी। जानिए 17 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक भारत में चाँद देखने का अनुमानित समय और इस पवित्र महीने का धार्मिक महत्व।

रमदान 2026
जब शाम के आसमान पर महीन चांद की पहली किरण उभरती है, तो वह सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं होती—वह करोड़ों मुसलमानों के लिए सब्र, इबादत और आत्मशुद्धि के महीने रमज़ान की दस्तक होती है। वर्ष 2026 में भी देशभर की निगाहें पश्चिमी क्षितिज पर टिकेंगी, जहां चांद के दीदार के साथ ही एक महीने की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत होगी।
रमज़ान क्या है और क्यों मनाया जाता है:
रमज़ान इस्लामी हिजरी कैलेंडर का नौवां महीना है। इसे इसलिए पवित्र माना जाता है क्योंकि इसी महीने में इस्लाम की पवित्र पुस्तक कुरआन का अवतरण हुआ था। यह महीना आत्मअनुशासन, संयम और परोपकार का प्रतीक है। रोज़ा रखना इस महीने का प्रमुख अनुष्ठान है। सूर्योदय से पहले सहरी के बाद रोज़ा शुरू होता है और सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ समाप्त होता है। इस दौरान व्यक्ति न केवल भोजन और पानी से दूर रहता है, बल्कि बुरे विचारों, क्रोध और नकारात्मक व्यवहार से भी स्वयं को बचाने का प्रयास करता है। रमज़ान का उद्देश्य आत्मा की शुद्धि, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और ईश्वर के प्रति समर्पण को मजबूत करना है। यह सामाजिक समरसता और दान की भावना को भी बढ़ावा देता है।
चांद दिखने के बाद क्या होता है:
रमज़ान की शुरुआत चांद के दीदार पर निर्भर करती है। जैसे ही स्थानीय या आधिकारिक चांद कमेटी चांद दिखने की पुष्टि करती है, मस्जिदों से ऐलान किया जाता है कि अगले दिन से रोज़े शुरू होंगे। यदि निर्धारित शाम को चांद दिखाई नहीं देता, तो शाबान महीने के 30 दिन पूरे किए जाते हैं और उसके अगले दिन से रमज़ान आरंभ होता है।
चांद की पुष्टि के बाद:
- मस्जिदों में विशेष तरावीह नमाज़ की तैयारी शुरू होती है
- घरों में सहरी और इफ्तार की व्यवस्थाएं की जाती हैं
- बाजारों में रौनक बढ़ जाती है
- धार्मिक सभाओं और दान कार्यक्रमों की योजना बनाई जाती है
यह एक आधिकारिक और धार्मिक प्रक्रिया होती है, जिसमें स्थानीय चांद देखने वाली समितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रमज़ान 2026: संभावित चांद देखने का समय
वर्ष 2026 में रमज़ान का चांद 18 फरवरी 2026 की शाम को देखने की संभावना है। यदि उस दिन चांद नजर आता है, तो 19 फरवरी से रोज़े शुरू हो सकते हैं। यदि नहीं, तो 20 फरवरी से रमज़ान आरंभ होगा।
देश के प्रमुख शहरों में संभावित चांद दिखाई देने का समय (शाम के समय, सूर्यास्त के बाद):
उत्तर भारत:
- नई दिल्ली: लगभग 6:18 बजे से 6:42 बजे
- लखनऊ: लगभग 6:07 बजे से 6:30 बजे
- जयपुर: लगभग 6:25 बजे से 6:48 बजे
पश्चिम भारत:
- मुंबई: लगभग 6:45 बजे से 7:10 बजे
- अहमदाबाद: लगभग 6:40 बजे से 7:05 बजे
दक्षिण भारत:
- चेन्नई: लगभग 6:10 बजे से 6:35 बजे
- हैदराबाद: लगभग 6:25 बजे से 6:50 बजे
- बेंगलुरु: लगभग 6:35 बजे से 7:00 बजे
पूर्व भारत:
- कोलकाता: लगभग 5:50 बजे से 6:15 बजे
- पटना: लगभग 6:00 बजे से 6:25 बजे
ध्यान देने योग्य है कि ये समय खगोलीय अनुमान पर आधारित होते हैं। वास्तविक निर्णय स्थानीय चांद देखने की पुष्टि पर निर्भर करता है।
इफ्तारी में क्या खाया जाता है:
सूर्यास्त के साथ जैसे ही अज़ान की आवाज़ गूंजती है, रोज़ेदार खजूर और पानी से अपना रोज़ा खोलते हैं। यह पैग़ंबर की परंपरा का अनुसरण है। इसके बाद विभिन्न प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं।
इफ्तारी में आमतौर पर शामिल होते हैं:
- खजूर और फल
- फलों का रस या शरबत
- पकौड़े, समोसे और चाट
- दाल, चिकन या हल्की करी
- रूह अफज़ा या अन्य पारंपरिक पेय
हालांकि चिकित्सकीय विशेषज्ञ संतुलित और हल्का भोजन करने की सलाह देते हैं ताकि शरीर को पूरे दिन की भूख और प्यास के बाद पर्याप्त पोषण मिल सके।
आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व:
रमजान केवल व्यक्तिगत इबादत का महीना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता और दान का भी समय है। ज़कात और फितरा जैसे दान के माध्यम से समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता की जाती है। मस्जिदों में सामूहिक नमाज़ और इफ्तार से सामाजिक सौहार्द बढ़ता है। रमजान 2026 का आगाज़ फरवरी की शाम आसमान में दिखने वाली उस पतली चाँद की किरण के साथ होगा, जो करोड़ों दिलों में आस्था की रोशनी जगाएगी। 17 से 19 फरवरी के बीच चाँद दिखने की संभावना के साथ पूरा देश उस आधिकारिक घोषणा का इंतजार करेगा। यह महीना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
